तृणमूल सरकार ‘घुसपैठ हितैषी’, अदालत के फैसले ने नीतियों को किया उजागर : भाजपा

यह फैसला एक बेहद दुखद, दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक सवाल भी खड़ा करता है.

कोलकाता. बंगाल की मुख्य विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार की ‘घुसपैठ हितैषी’ नीतियों के कारण राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हुआ है. भाजपा ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों में सत्ता में आने पर वह हालात को दुरुस्त करेगी और राज्य के समग्र विकास के लिए आवश्यक कदम उठायेगी. नयी दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा राज्य सरकार को भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए पहले से अधिग्रहित भूमि को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को सौंपने का निर्देश तृणमूल कांग्रेस की नीतियों को उजागर करता है. त्रिवेदी ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह अदालत का निर्देश एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने कहा, “हालांकि यह फैसला एक बेहद दुखद, दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक सवाल भी खड़ा करता है. इससे साफ होता है कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में संकीर्ण राजनीतिक लाभ के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता किया गया और घुसपैठियों के वोट बैंक के बदले देश की सीमाओं की सुरक्षा को दांव पर लगाया गया.” भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि उच्च न्यायालय का यह निर्णय तृणमूल सरकार की नीतियों के लिए एक बड़ा झटका है और इससे उसका ‘असली चेहरा’ सामने आ गया है. उन्होंने आगे कहा, “पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस सरकार घुसपैठ हितैषी रही है और उसके शासन में राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में पड़ी है.” त्रिवेदी ने विश्वास जताया कि आगामी विधानसभा चुनावों में राज्य की जनता ऐसी सरकार को सत्ता से बाहर करेगी जो घुसपैठियों का समर्थन करती है और राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करती है. उन्होंने कहा कि जनता भाजपा को निर्णायक जनादेश देगी, ताकि पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून व्यवस्था और जन विकास को सुनिश्चित किया जा सके.

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By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

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