‘बैरकपुर-कल्याणी मेट्रो के लिए ट्रैफिक कम, आगे नहीं बढ़ी बात’

रेलमंत्री ने हाल में लोकसभा में भी पश्चिम बंगाल सरकार पर गंभीर आरोप लगाये थे.

कोलकाता मेट्रो विस्तार की चार परियोजनाएं जमीन नहीं मिलने से नहीं बढ़ पा रहीं आगे

कोलकाता. हाल के वर्षों में कोलकाता मेट्रो का दायरा तेजी से बढ़ा है, लेकिन जमीन की अनुपलब्धता के कारण राज्य में चार मेट्रो परियोजनाएं अधर में लटकी हुई हैं. यह जानकारी रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में एक प्रश्न के जवाब में दी थी. अब, बंगाल के सांसद पार्थ भौमिक द्वारा कल्याणी और एआइआइएमएस तक मेट्रो विस्तार की संभावनाओं पर पूछे गये प्रश्न के उत्तर में रेलमंत्री ने कहा कि बैरकपुर से कल्याणी तक नये मेट्रो कॉरिडोर का सर्वे तो कराया गया था, लेकिन कम ट्रैफिक प्रोजेक्शन के चलते इस परियोजना को आगे नहीं बढ़ाया जा सका. रेलमंत्री ने स्पष्ट किया कि कल्याणी पहले से ही सियालदह-राणाघाट रेल सेक्शन पर स्थित एक मौजूदा रेलवे स्टेशन है, इसलिए नये मेट्रो कॉरिडोर की व्यवहार्यता कम आंकी गयी.

रेलमंत्री ने हाल में लोकसभा में भी पश्चिम बंगाल सरकार पर गंभीर आरोप लगाये थे. उन्होंने कहा था कि राज्य के असहयोग के कारण कोलकाता में मेट्रो विस्तार की गति बुरी तरह प्रभावित हुई है. जमीन अधिग्रहण में देरी, एनओसी जारी न होना, अतिक्रमण न हटाया जाना और आवश्यक यूटिलिटी शिफ्टिंग में राज्य की मदद न मिलने से चार प्रमुख मेट्रो कॉरिडोर के लगभग 20 किमी हिस्से का काम अटका हुआ है.

उन्होंने बताया कि कोलकाता मेट्रो परियोजनाओं की शुरुआत 1972 में हुई थी, लेकिन 42 वर्षों में सिर्फ 28 किमी मार्ग पर ही संचालन शुरू हो सका था. वहीं, वर्तमान सरकार के 2014 से 2025 के बीच 45 किमी नये सेक्शन पर मेट्रो सेवा शुरू की जा चुकी है.

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By GANESH MAHTO

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