खास बातें
TMC Show Cause Notice: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में मिली करारी शिकस्त के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) में बगावत शुरू हो गयी है. सत्ता हाथ से जाने के बाद अब पार्टी के भीतर ‘अपनों’ ने ही शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. ऐसे लोगों के खिलाफ पार्टी ने कार्रवाई शुरू कर दी है.
अनुशासनात्मक समिति ने जारी किया नोटिस
अनुशासन बनाये रखने की कोशिश में टीएमसी की अनुशासनात्मक समिति ने शुक्रवार को पार्टी के 5 बड़े प्रवक्ताओं को कारण बताओ (Show Cause) नोटिस जारी किया. इन नेताओं पर आरोप है कि इन्होंने सार्वजनिक मंचों पर पार्टी विरोधी टिप्पणी की और अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली पर सवाल उठाये.
5 फायरब्रांड नेता पर कार्रवाई की तैयारी
पार्टी ने अपने 5 फायरब्रांड नेता को नोटिस जारी किया गया है. निम्नलिखित लोगों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है.
- रिजु दत्ता : अपनी आक्रामक बयानबाजी के लिए मशहूर रिजु दत्ता ने सोशल मीडिया पर चुनाव बाद हिंसा रोकने के लिए भाजपा के कदमों की तारीफ की थी, जो पार्टी को नागवार गुजरी.
- कोहिनूर मजूमदार : इन्होंने सीधे तौर पर राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा था कि नेताओं को उनसे मिलने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है.
- कृष्णेंदु नारायण चौधरी : मालदा के इस कद्दावर नेता ने भी अभिषेक बनर्जी के कामकाज के तरीके की तीखी आलोचना की है.
- पापिया घोष : इन्होंने चुनावी हार के लिए शीर्ष नेतृत्व की गलतियों को जिम्मेदार ठहराया था.
- कार्तिक घोष : इन्होंने भी चुनावी हार के लिए टॉप लीडरशिप की गलतियों को जिम्मेदार ठहराया था.
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अभिषेक की कार्यशैली पर फूटा गुस्सा
टीएमसी के भीतर असंतोष का मुख्य केंद्र अभिषेक बनर्जी का कॉरपोरेट वर्किंग स्टाइल बताया जा रहा है. कोहिनूर मजूमदार ने मीडिया के सामने खुलकर कहा कि पार्टी में संवाद की कमी है और शीर्ष नेताओं तक पहुंचना नामुमकिन हो गया है. कृष्णेंदु चौधरी के बयानों ने साफ कर दिया कि पुराने जमीनी नेता अब युवा नेतृत्व के दबाव में रहने को तैयार नहीं हैं.
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TMC Show Cause Notice: हार ने खोली कलई
बंगाल चुनाव 2026 में टीएमसी 80 सीटों पर सिमट गयी. भाजपा ने 207 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत हासिल किया है. इस निराशाजनक प्रदर्शन ने पार्टी के भीतर उस गुबार को बाहर निकाल दिया है, जो कई सालों से सुलग रहा था. नोटिस में इन प्रवक्ताओं से पूछा गया है कि पार्टी अनुशासन का उल्लंघन करने के लिए उनके खिलाफ क्यों न कड़ी कार्रवाई की जाए?
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कई और बड़े नेता के खिलाफ हो सकती है कार्रवाई
पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह नोटिस केवल एक शुरुआत है. आने वाले दिनों में कई और बड़े नामों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है. हालांकि, राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस तरह के नोटिस से टीएमसी के भीतर की दरार भरने की बजाय और चौड़ी हो सकती है.
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