TMC ने लांच किया नया कैंपेन सांग, 3:47 मिनट के वीडियो में ‘बंगाल मॉडल’ का दमदार मैसेज

TMC Campaign Song 2026: TMC ने बंगाल चुनाव 2026 से पहले 3 मिनट 47 सेकेंड का कैंपेन सांग जारी किया है. बांग्ला वीडियो में विकास, योजनाओं और क्षेत्रीय अस्मिता को प्रमुखता दी गई है. सोशल मीडिया और ग्राउंड कैंपेन के जरिए पार्टी चुनावी माहौल को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही है.

TMC Campaign Song 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने रविवार को अपना नया कैंपेन सांग ‘जे लोड़छे सबार डाके, सेई जेताबे बांग्ला मां के’ (सबकी मांग पर जो लड़ रही है, वही मां बांग्ला को जितायेगी) जारी किया. पार्टी ने इस कैंपेन सांग के जरिये चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है. करीब 3 मिनट 47 सेकेंड के इस बांग्ला वीडियो के जरिये पार्टी ने विकास, सामाजिक योजनाओं और क्षेत्रीय अस्मिता को केंद्र में रखकर मतदाताओं तक सीधा संदेश पहुंचाने की कोशिश की है.

कैंपेन सांग में क्या है खास

वीडियो में बांग्ला भाषा और सांस्कृतिक प्रतीकों का इस्तेमाल करते हुए जनता से भावनात्मक जुड़ाव बनाने की कोशिश की गयी है. गीत के जरिये राज्य की उपलब्धियों और सरकार की योजनाओं को हाईलाइट किया गया है. इसमें ममता बनर्जी के व्यक्तित्व और नेतृत्व पर पूरा फोकस है. बीच-बीच में अभिषेक बनर्जी भी दिखते हैं.

बंगाल का विकास और स्थिर नेतृत्व है मुख्य थीम

तृणमूल कांग्रेस ने इस वीडियो में अपनी पार्टी की नेता ममता बनर्जी के साथ-साथ प्रदेश की संस्कृति को दिखाने की कोशिश की है. प्रदेश के दो महापुरुषों स्वामी विवेकानंद और कवि गुरु रवींद्रनाथ टैगोर की तस्वीरें भी दिखायी देती हैं. सांग का टोन सकारात्मक और आत्मविश्वास से भरा है, जिसमें ‘बंगाल के विकास’ और ‘स्थिर नेतृत्व’ को मुख्य थीम बनाया गया है.

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TMC Campaign Song 2026: चुनावी रणनीति का हिस्सा

TMC का यह कैंपेन सांग चुनावी रणनीति का हिस्सा है. इसमें युवाओं और सोशल मीडिया के ऑडियंस को टारगेट किया गया है. विजुअल और म्युजिक के जरिये गांव-गांव तक पहुंचने की कोशिश है. स्थानीय भाषा में संदेश दिया गया है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ऐसे वीडियो तेजी से वायरल होते हैं, जिसका फायदा पार्टी को मिल सकता है.

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डिजिटल और ग्राउंड कनेक्शन

पार्टी ने इस सांग को सिर्फ ऑनलाइन ही नहीं, बल्कि ग्राउंड कैंपेन में भी इस्तेमाल करने की तैयारी की है. रैलियों, रोड शो और स्थानीय कार्यक्रमों में इस गीत के जरिये माहौल बनाने की रणनीति साफ दिख रही है.

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भाजपा vs TMC : नैरेटिव की जंग

पश्चिम बंगाल में भाजपा ‘परिवर्तन’ और ‘एंटी-इनकम्बेंसी’ के नैरेटिव पर काम कर रही है, तो TMC ऐसे कैंपेन सांग के जरिये ‘विकास + पहचान’ का नैरेटिव गढ़ने में जुटी है. पार्टी को उम्मीद है कि सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से ट्रेंड करेगा और युवा वोटर इससे प्रभावित होंगे. इससे ब्रांड TMC को मजबूत करने में मदद मिलेगी. इससे पहले, 10 जनवरी 2026 को तृणमूल कांग्रेस ने ‘जोतोई कोरो हामला, आबार जीतबे बांग्ला’ प्रचार गीत लांच किया था.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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