अभिषेक बनर्जी पर हमला मामला : लपेटे में लॉकेट चटर्जी, भाकपा ने शुभेंदु सरकार को घेरा, कहा- लोकतंत्र में हिंसा की जगह नहीं

TMC vs BJP West Bengal Violence: तृणमूल कांग्रेस ने अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले को भाजपा प्रायोजित साजिश बताया है. पार्टी ने कुछ तस्वीरें जारी कर भाजपा पदाधिकारियों की मौजूदगी पर सवाल उठाए हैं. भाकपा नेता डी राजा ने भी बंगाल हिंसा की निंदा की. पढ़ें पूरी विस्तृत रिपोर्ट.

TMC vs BJP West Bengal Violence: पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले ने अब एक बड़े पॉलिटिकल वॉर का रूप ले लिया है. तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने रविवार को दावा किया कि यह हमला जनता का सहज आक्रोश नहीं, भाजपा प्रायोजित सुनियोजित साजिश थी.

डी राजा ने की जवाबदेही तय करने की मांग

टीएमसी ने कुछ ऐसी तस्वीरें जारी की हैं, जो सीधे तौर पर भाजपा के बड़े नेताओं की संलिप्तता की ओर इशारा कर रही हैं. दिल्ली में भाकपा (CPI) के महासचिव डी राजा ने भी इस हिंसा की कड़ी निंदा करते हुए शुभेंदु अधिकारी सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की.

लॉकेट चटर्जी के करीबियों ने किया हमला?

तृणमूल कांग्रेस ने हमले के दौरान की कुछ तस्वीरें एक्स (X) पर साझा कीं. पार्टी ने कई सनसनीखेज दावे भी किये हैं. टीएमसी का सवाल है कि अगर यह जनता का गुस्सा था, तो भीड़ के बीच भाजपा का एक प्रमुख पदाधिकारी लामबंदी को निर्देशित क्यों कर रहा था? भीड़ में सक्रिय एक महिला की तस्वीरें भाजपा नेता लॉकेट चटर्जी के साथ देखी जा चुकी हैं. टीएमसी ने पूछा कि भाजपा के इन कैडरों को अभिषेक के रास्ते में खड़े होने के लिए किसने अधिकृत किया था? टीएमसी ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से पूछा कि क्या भाजपा शासन में विपक्षी सांसदों के साथ ऐसा ही व्यवहार किया जायेगा?

इसे भी पढ़ें : अभिषेक के बाद कल्याण बनर्जी पर हमला, टीएमसी सांसद बोले- भाजपा ने किया अटैक, हुगली में हाई अलर्ट

डी राजा बोले- शासक अपनी जवाबदेही से नहीं बच सकते

दिल्ली से भाकपा महासचिव डी राजा ने बंगाल के बिगड़ते हालात पर गहरी चिंता जतायी. उन्होंने कहा कि चुनाव जनता की इच्छा जानने के लिए होते हैं, न कि हिंसा के जरिये राजनीतिक हिसाब चुकता करने के लिए. उन्होंने निर्वाचित प्रतिनिधियों (अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी) पर हमलों को लोकतंत्र के लिए शर्मनाक बताया.

बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

सिर्फ टीएमसी नहीं, प्रतीकों पर भी प्रहार

भाकपा नेता डी राजा ने आरोप लगाया कि भाजपा समर्थक न केवल विपक्षी नेताओं को निशाना बना रहे हैं, बल्कि लेनिन की प्रतिमा जैसे सार्वजनिक प्रतीकों और पार्टी कार्यालयों पर भी हमले कर रहे हैं.

‘बांग्लादेशी’ कहने पर बवाल, लोकसभा अध्यक्ष से न्याय की गुहार

टीएमसी ने इस हमले के दौरान इस्तेमाल की गयी भाषा पर भी आपत्ति जतायी है. उसका आरोप है कि भाजपा नेता वर्षों से ‘बांग्लादेशी’ शब्द का इस्तेमाल अपमान के तौर पर करते रहे हैं और अब एक मौजूदा सांसद के खिलाफ भी ऐसी ही टिप्पणियां की जा रही हैं.

इसे भी पढ़ें : शासक ही बन गये हैं हत्यारे, BJP को शर्म आनी चाहिए, सोनारपुर में अभिषेक पर हमले के बाद फूटा ममता बनर्जी का गुस्सा

टीएमसी ने ओम बिरला को लिखा पत्र

टीएमसी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से सवाल किया कि क्या वे इस हिंसक घटना की निंदा करेंगे? क्या केंद्र की सत्ताधारी पार्टी के शासन में विपक्ष की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है?

साजिश नहीं, यह वर्षों के उत्पीड़न का जवाब है : भाजपा

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने हमले की निंदा तो की, लेकिन पूरे मामले से पल्ला झाड़ते हुए इसे जनता का गुस्सा बताया. उन्होंने कहा- बीजेपी ऐसी गतिविधियों में शामिल नहीं रहती. यह उन स्थानीय लोगों के गुस्से का नतीजा हो सकता है, जिन्होंने सालों तक टीएमसी के शासन में उत्पीड़न सहा है.

TMC vs BJP West Bengal Violence: बंगाल में खून-खराबे का नया अध्याय?

शनिवार को अभिषेक बनर्जी के साथ सोनारपुर में धक्का-मुक्की, पत्थर और अंडे फेंके जाने के बाद रविवार को कल्याण बनर्जी का ‘सिर फटना’, यह संकेत है कि बंगाल की राजनीति अब बेहद खतरनाक मोड़ पर है. भाकपा ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने निष्पक्ष होकर शांति बहाल नहीं की, तो स्थिति हाथ से निकल सकती है.

इसे भी पढ़ें

अभिषेक बनर्जी पर हमले से दिल्ली तक हड़कंप, खरगे बोले- यह बड़ी साजिश, अखिलेश ने भाजपा को घेरा

मेरा मर्डर करना चाहते थे, सोनारपुर में हमले के बाद बोले अभिषेक बनर्जी, हेलमेट पहनकर जान बचाकर भागे

सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी पर हमला, कपड़े फाड़े, जूते-पत्थर और अंडे बरसाये, CID ने भी कसा शिकंजा

अभिषेक बनर्जी पर हमले के विरोध में आसनसोल में टीएमसी का हल्लाबोल, कहा- दोषी नहीं पकड़े गये तो जल उठेगा बंगाल

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >