कोलकाता.
बंगाल के आखिरी नवाब सिराजुद्दौला की स्मृति की रक्षा के लिए मुर्शिदाबाद में भागीरथी के पश्चिमी तट पर स्थित क्षेत्र के जीर्णोद्धार, नवीनीकरण और संरक्षण की मांग को लेकर कलकत्ता हाइकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गयी थी. मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने उस मामले में भागीरथी नदी के पश्चिमी तट का निरीक्षण करने का आदेश दिया है. अदालत ने आदेश दिया कि राज्य पुरातत्व विभाग, राज्य का एक प्रतिनिधि, याचिकाकर्ता का एक प्रतिनिधि और जिला मजिस्ट्रेट वहां संयुक्त निरीक्षण करें. जिला मजिस्ट्रेट निरीक्षण के लिए सभी व्यवस्था करेंगे. मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम और न्यायमूर्ति चैताली चटर्जी (दास) की खंडपीठ ने अदालत को आदेश दिया है कि निरीक्षण के दौरान जो कुछ भी सामने आयेगा, उसकी विस्तृत रिपोर्ट अदालत में पेश करनी होगी और इसके बाद हाइकोर्ट में इस संबंध में अपना फैसला सुनायेगा.स्मृतियों के संरक्षण को लेकर पहल नहीं करने पर कोर्ट ने जतायी थी नाराजगी
गौरतलब रहे कि कलकत्ता हाइकोर्ट ने इससे पहले मुर्शिदाबाद में बंगाल के अंतिम नवाब सिराजुद्दौला की स्मृतियों के संरक्षण को लेकर कोई पहल नहीं किए जाने पर कड़ी नाराजगी जतायी थी. कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम ने सिराजुद्दौला की स्मृतियों के संरक्षण को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा था कि ये ऐतिहासिक विरासत हैं. इनका संरक्षण जरूरी है. मुख्य न्यायाधीश ने कहा था कि सिराजुद्दौला की स्मृतियों के संरक्षण को लेकर राज्य के हेरिटेज कमीशन ने भी कोई पहल नहीं की है. इस संदर्भ में उन्होंने महाबलीपुरम और कन्याकुमारी में विवेकानंद स्मारक शिला के संरक्षण की याद दिलयी. कहा कि पुराने इतिहास को संरक्षित करने के बजाय उसे नष्ट किया जा रहा है.
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