West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण से पहले कोलकाता की सड़कें रणक्षेत्र बन गयीं हैं. मंगलवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय के बाहर तृणमूल कांग्रेस समर्थित बूथ स्तरीय अधिकारियों (BLO) ने जोरदार प्रदर्शन किया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई. इससे स्ट्रैंड रोड इलाके में भारी तनाव फैल गया. कुछ ही देर में भाजपा समर्थक भी वहां पहुंच गये, जिससे विवाद और बढ़ गया. मामला मतदाता सूची में कथित हेरफेर और ‘बाहरी’ लोगों के नाम शामिल करने के आरोपों से जुड़ा है.
शुभेंदु अधिकारी के जाते ही भड़का आक्रोश
घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई, जब पश्चिम बंगाल के लीडर ऑफ ऑपोजीशन शुभेंदु अधिकारी सीईओ कार्यालय पहुंचे. भवानीपुर विधानसभा सीट से मुख्यमंत्री के खिलाफ चुनाव लड़ रहे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार शुभेंदु ने ममता बनर्जी के खिलाफ सीईओ कार्यालय में शिकायत दर्ज करायी. शुभेंदु के जाने के कुछ ही देर बाद टीएमसी समर्थित बीएलओ वहां पहुंच गये और प्रदर्शन शुरू कर दिया. देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गयी और पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा.
बीएलओ के आरोप- बिहार-यूपी के लोगों को बनाया जा रहा वोटर
प्रदर्शन करने वाले बीएलओ का आरोप है कि भाजपा शासित राज्यों जैसे बिहार और उत्तर प्रदेश के निवासियों को अवैध रूप से पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची में शामिल किया जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि नया नाम जोड़ने वाले फॉर्म-6 का दुरुपयोग हो रहा है. उन लोगों के नाम जोड़े जा रहे हैं, जो बंगाल के नहीं हैं.
बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
अभिषेक बनर्जी ने लगाये थे 30000 फॉर्म-6 जमा करने के आरोप
एक दिन पहले ही तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने दावा किया था कि भाजपा ने एक दिन में 30,000 फॉर्म-6 जमा किये हैं, जो चुनावी शुचिता का उल्लंघन है.
हम पर हमला हुआ- प्रदर्शनकारियों का दावा
प्रदर्शन कर रहे समूह के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद भाजपा समर्थकों ने उन पर हमला किया और उन्हें उकसाया. उन्होंने इस पूरी घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है. दूसरी तरफ, पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाये रखने के लिए बहुत कम बल का प्रयोग किया गया. फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है.
West Bengal Election 2026: स्ट्रैंड रोड पर पुलिस की कड़ी घेरेबंदी
तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए सीईओ कार्यालय के बाहर भारी संख्या में अतिरिक्त पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया गया है. अधिकारियों का कहना है कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए इलाके में कड़ी निगरानी रखी जा रही है.
इसे भी पढ़ें
18680 करोड़ की रेल-रोड परियोजनाओं से चमकेगा बंगाल, पीएम मोदी के कार्यक्रम में जायेंगीं ममता बनर्जी!
