शिक्षा विभाग के बकाया राशि के भुगतान के लिए राज्य ने केंद्र को लिखा पत्र

इसी बीच, राज्य सरकार ने अब शिक्षा विभाग के बकाया राशि को लेकर केंद्र सरकार को पत्र लिखा है.

केंद्र सरकार पर राज्य का बकाया है 3175 करोड़ रुपये कोलकाता. केंद्र की भाजपा नीत सरकार व राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार के बीच कई मुद्दों पर विवाद है. राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से लेकर कई तृणमूल नेताओं ने इसे लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की है. राज्य सरकार का आरोप है कि केंद्र सरकार ने मनरेगा, ग्रामीण आवास योजना सहित कई योजनाओं के लिए फंड का आवंटन बंद कर दिया है. इसी बीच, राज्य सरकार ने अब शिक्षा विभाग के बकाया राशि को लेकर केंद्र सरकार को पत्र लिखा है. राज्य के शिक्षा विभाग का आरोप है कि केंद्र सरकार ने पिछले दो साल से राज्य को फंड नहीं दिया है, जिसकी वजह से स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं का विकास अटका हुआ है. बताया गया है कि केंद्र सरकार पर राज्य का करीब 3175 करोड़ रुपये बकाया है, जिसका राज्य ने जल्द से जल्द भुगतान करने का आवेदन किया है. राज्य सरकार का कहना है कि फंड नहीं होने की वजह से राज्य के कई सरकारी स्कूलों का बुनियादी ढांचा विकास कार्य ठप पड़ा हुआ है. राज्य सचिवालय के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, केंद्र ने दो वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 में समग्र शिक्षा अभियान के लिए पैसा उपलब्ध नहीं कराया है, जिसकी वजह से पिछले दो वर्षों से समग्र शिक्षा अभियान अवरुद्ध पड़ा है. राज्य सचिवालय के सूत्रों का दावा है कि राज्य का केंद्र पर 3175 करोड़ रुपये बकाया है. अब राज्य ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को पत्र लिखकर वह धनराशि मांगी है. पता चला है कि केंद्र की ओर से राज्य को पहले ही संकेत दे दिया गया था कि अगर वह पीएम श्री योजना में शामिल नहीं हुए तो फंड का आवंटन बंद कर दिया जायेगा. सूत्रों के अनुसार, केंद्र इस परियोजना की लागत का 60 प्रतिशत और राज्य 40 प्रतिशत प्रदान कर रहा है. इस धनराशि की कमी के कारण राज्य स्कूलों में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए आवंटन बढ़ाने में असमर्थ है.

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By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

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