मानस भुइयां पर भड़के सुकांत मजूमदार, बोले- शिक्षक और छात्रों को धमकाना निंदनीय

Sukanta Majumdar: सुकांत मजूमदार ने बंगाल सरकार के मंत्री मानस भुइर्यां पर एक शिक्षक संस्थान में शिक्षा व्यवस्था के सवाल पर शिक्षकों को बेइज्जत करने का आरोप लगाया है.

Sukanta Majumdar: कोलकाता. पश्चिम बंगाल के बालुरघाट से लोकसभा सांसद ने सुकांत मजूमदार ने तृणमूल सरकार में मंत्री मानस भुइयां पर सार्वजनिक मंच से प्रोफेसरों और छात्रों को घिनौनी धमकी दी देने का आरोप लगाया है. सोशल साइट एक्स पर किये अपने पोस्ट में सुकांत मजूमदार ने लिखा है कि कुछ दिनों पहले, पश्चिम मेदिनीपुर जिले के सबंग सजनीकान्त महाविद्यालय के नव वर्षार्थियों के स्वागत समारोह में, महाविद्यालय की प्रबंधन समिति के प्रमुख और तृणमूल कांग्रेस नेता मानस भुइयां ने मंच से प्रोफेसरों और छात्रों को घिनौनी धमकी दी है. उन्होंने कार्यक्रम का विडियो भी पोस्ट के साथ शेयर किया है.

पूरे राज्य के शिक्षकों का अपमान

सुकांत मजूमदार ने पोस्ट में आगे लिखा है – कभी-कभी वे छात्रों के सामने खुलेआम कहते है- प्रोफेसरों की गुणवत्ता में काफी गिरावट आई है. कभी वे कॉलेज के प्रधानाचार्य को फटकार लगाते है. कभी-कभी वे छात्रों को पुलिस से गिरफ्तार करने की चेतावनी दे रहे हैं. सुकांत मजूमदार ने लिखा है कि राज्य के मंत्री इस बात से भी बेहद नाराज हैं कि छात्रों का एक वर्ग उनके भाषण को सुने बिना ही खाना खाने चला गया. सुकांत मजूमदार ने कहा कि समाज के मुख्य निर्माता माने जानेवाले सम्मानित शिक्षकों पर खुलेआम हमले और उत्पीड़न की घटनाएं निंदनीय है. मैं इस घृणित घटना की कड़ी निंदा करता हूँ. यह अपमान न केवल सबांग स्थित उस कॉलेज के सम्मानित प्रोफेसरों का अपमान है, बल्कि पूरे राज्य के शिक्षकों और शिक्षाविदों का भी अपमान है.

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तृणमूल सरकार ने शिक्षा को गर्त में डाला

सुकांत मजूमदार ने लिखते हैं कि सवाल यह है कि मानस भुइयां जैसे तृणमूल के ‘गुंडे’ नेता को युवा छात्रों के प्रति इस तरह के धमकी भरे शब्दों का इस्तेमाल करने और एक शिक्षण संस्थान में खड़े होकर सम्मानित प्रोफेसरों पर अभद्र हमले करने का साहस कहां से मिलता है. दरअसल, राज्य की असफल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के शासनकाल में, इन मानसबाबूओं की नेता, पश्चिम बंगाल की शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ को पूरी तरह से नष्ट कर चुकी हैं. स्कूलों और कॉलेजों की प्रबंधन समितियों के शीर्ष पदों पर ऐसे ‘बुरे लोगों’ को खुलेआम बिठा दिया गया है, ताकि तृणमूल की गुंडों की सेना छात्रों से शिक्षा का अधिकार छीनकर परिसर पर खुलेआम कब्जा कर सके.

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By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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