कोलकाता.
राज्य के सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में हुईं नियुक्तियों के घोटाले में जेल से जमानत पर रिहा होने के बाद पहली बार पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने अपने विधानसभा क्षेत्र बेहला पश्चिम में कदम रखा. शनिवार दोपहर वह नाकतला स्थित अपने आवास से निकल कर बेहला स्थित विधायक कार्यालय पहुंचे और समर्थकों से मुलाकात की. चुनाव में उम्मीदवारी को लेकर पूछे गये सवाल पर पांच बार के विधायक ने साफ कहा कि वह चुनाव लड़ेंगे या नहीं, इसका निर्णय पार्टी नेतृत्व करेगा. उन्होंने कहा कि वह तृणमूल कांग्रेस के साथ हैं और अंतिम फैसला पार्टी ही लेगी. 22 जुलाई, 2022 की रात स्कूलों में हुई नियुक्ति भ्रष्टाचार मामले में कथित संलिप्तता के आरोप में प्रवर्तन निदेशालय (इडी) ने उन्हें गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के कुछ ही दिनों में उन्हें मंत्री पद और पार्टी के प्रदेश महासचिव पद से हटा दिया गया और छह वर्ष के लिए निलंबित किया गया. तीन वर्ष से अधिक समय जेल में बिताने के बाद पिछले वर्ष नवंबर में उन्हें जमानत मिली.भाषा दिवस को अपने विस क्षेत्र के दौरे के लिए चुना : शनिवार को भाषा दिवस के अवसर को पार्थ चटर्जी अपने विधानसभा क्षेत्र दौरे के लिए चुना. स्थानीय लोगों से बातचीत में उन्होंने रोजगार को सबसे बड़ा मुद्दा बताया. उन्होंने कहा कि विभिन्न दलों ने समय-समय पर भत्ता दिया है, लेकिन रोजगार सृजन सबसे पहले होना चाहिए. दो करोड़ नौकरियों का वादा पूरा नहीं हुआ, यह स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने नियुक्ति घोटाले को लेकर यह भी कहा कि जिन्हें पकड़ा जाना चाहिए, उन्हें नहीं पकड़ा जा रहा.भ्रष्टाचार के आरोपों पर पार्थ चटर्जी ने कहा कि समय आने पर जो लोग उन्हें बदनाम कर रहे हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे. उन्होंने दावा किया कि वह किसी भी अनियमितता में शामिल नहीं रहे. शिक्षा विभाग को स्वायत्त संस्था बताते हुए उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ राजनीतिक माहौल बनाया गया.
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी उनके साथ रहे या न रहे, वह पार्टी के साथ हैं और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर उन्हें पूरा भरोसा है. हालांकि, दौरे के दौरान बेहला पश्चिम क्षेत्र के तृणमूल के 10 पार्षदों में से कोई भी उनके साथ सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आया. समर्थकों के अनुरोध पर उन्होंने गाड़ी में बैठकर चाय पी और कुछ समय क्षेत्र का दौरा करने के बाद नाकतला लौट गये.