पूर्व डीजीपी राजीव कुमार ने सुकांत मजूमदार को भेजा कानूनी नोटिस

राजीव कुमार की ओर से अधिवक्ता नंदिनी चटर्जी ने नोटिस जारी करते हुए कहा है कि यदि 72 घंटे के भीतर सुकांत मजूमदार सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते और संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट हटाते नहीं हैं, तो उनके खिलाफ आपराधिक और दीवानी दोनों प्रकार की कानूनी कार्रवाई शुरू की जायेगी.

कोलकाता.

पश्चिम बंगाल के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार ने केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता सुकांत मजूमदार को कथित मानहानिकारक टिप्पणी को लेकर कानूनी नोटिस भेजा है. राजीव कुमार की ओर से अधिवक्ता नंदिनी चटर्जी ने नोटिस जारी करते हुए कहा है कि यदि 72 घंटे के भीतर सुकांत मजूमदार सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते और संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट हटाते नहीं हैं, तो उनके खिलाफ आपराधिक और दीवानी दोनों प्रकार की कानूनी कार्रवाई शुरू की जायेगी. नोटिस में कहा गया है कि मजूमदार के सोशल मीडिया पोस्ट से राजीव कुमार की मानहानि हुई है और उन्हें मानसिक पीड़ा पहुंची है.

लीगल नोटिस के अनुसार, सुकांत मजूमदार ने राजीव कुमार पर गंभीर आरोप लगाये हैं. उन्हें झूठा, दुर्भावनापूर्ण और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाला बताया गया है.

अधिवक्ता नंदिनी चटर्जी ने नोटिस में कहा है कि ये बयान न केवल उनके मुवक्किल की व्यक्तिगत छवि को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि पुलिस विभाग की साख को भी प्रभावित करते हैं. नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर माफी नहीं मांगी गयी, तो उनके मुवक्किल कानूनी कार्रवाई के लिए बाध्य होंगे.

आइ-पैक छापेमारी मामले को लेकर सुकांत ने राजीव कुमार के खिलाफ की थी टिप्पणी

बता दें कि कोलकाता में इडी ने आइ-पैक के कार्यालय और उसके निदेशक के घर पर छापेमारी की थी. उस दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ तत्कालीन डीजीपी राजीव कुमार भी वहां पहुंचे थे. इसी संदर्भ में सुकांत मजूमदार ने कथित तौर पर अपने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट किया- “दीदी तेरा डीजी दीवाना, हाय राम इडी को डाले दाना.” नोटिस में कहा गया है कि यह पोस्ट सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर साझा किया गया. नोटिस के मुताबिक, उक्त पोस्ट फेसबुक और इंस्टाग्राम समेत अन्य सार्वजनिक प्लेटफॉर्म्स पर भी प्रसारित हुआ. पूर्व डीजीपी की ओर से केंद्रीय मंत्री से मांग की गयी है कि वे सभी प्लेटफॉर्म्स से संबंधित पोस्ट हटाएं, क्योंकि इससे उनका चरित्रहनन और मानहानि हुई है. नोटिस में यह भी आरोप लगाया गया है कि मजूमदार ने राजीव कुमार का नाम भ्रष्टाचार और कोयला घोटाला मामले में भी जोड़ा, जो अनुचित और आधारहीन बताया गया है.

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Author: BIJAY KUMAR

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