कोलकाता.
केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री व पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ सुकांत मजुमदार ने राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर उत्तर बंगाल की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस की वजह से उत्तर बंगाल के लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. डॉ मजुमदार ने कहा कि हाल ही में मुख्यमंत्री ने कहा था कि उत्तर बंगाल में आयी बाढ़ के दौरान केंद्र सरकार ने राज्य को राहत फंड और संसाधन से वंचित रखा है. इस पर केंद्रीय मंत्री ने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल के लिए कुल अनुमानित बजट 3.60 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें से उत्तर बंगाल के लिए सिर्फ 861 करोड़ रुपये दिये गये हैं, जो 18 प्रतिशत आबादी के लिए राज्य के पूरे बजट का सिर्फ 0.23 प्रतिशत है. इसके विपरीत मदरसा बोर्ड और अल्पसंख्यक विकास विभाग के लिए 5531 करोड़ रुपये दिये गये हैं. श्री मजुमदार ने कहा कि दार्जिलिंग, अलीपुरदुआर, जलपाईगुड़ी और दिनाजपुर के कुछ हिस्सों में लोगों को विकास कार्यों के नाम पर बेवकूफ बनाया जा रहा है. डॉ सुकांत मजुमदार ने उल्लेख किया कि जब निशीथ प्रमाणिक केंद्रीय मंत्री थे, तो उन्होंने भारतीय खेल प्राधिकरण (एसएआइ) के एक खेल परिसर के विकास के लिए 700 करोड़ रुपये आवंटित किये थे. लेकिन ममता बनर्जी सरकार ने निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध नहीं करायी. उसी तरह जैसे वह सीमाओं पर बाड़ लगाने के लिए जमीन आवंटित नहीं कर रही हैं. उन्होंने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने बागडोगरा हवाई अड्डे के विकास के लिए 1550 करोड़ रुपये आवंटित किये हैं. मुख्यमंत्री द्वारा किये गये दावों को नकारते हुए डॉ मजुमदार ने कहा कि केंद्र सरकार ने उत्तर बंगाल में आयी प्राकृतिक आपदा के राहत कार्य व बचाव के लिए हर बार राज्य को फंड आवंटित किया है. उन्होंने एनडीआरएफ और एसडीआरएफ फंड के लिए केंद्र सरकार द्वारा किये गये बजटीय आवंटन के आंकड़ों को पेश करते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने अब तक लगभग 6000 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार एसडीआरएफ फंड का 75 प्रतिशत और राज्य सरकार कुल एसडीआरएफ आवंटन का सिर्फ 25 प्रतिशत हिस्सा देती है.लेबर कोड नहीं लागू कर रही राज्य सरकार : डॉ सुकांत मजुमदार ने कहा कि केंद्र सरकार ने श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए लेबर कोड बनाया है, जिसे मुख्यमंत्री यहां लागू नहीं होने दे रही हैं, अगर वह लागू हो जाता है, तो चाय बागान श्रमिकों की मजदूरी बढ़ जायेगी. उन्होंने कहा कि करीब 42 चाय बागानों में स्कूल नहीं हैं.
उत्तर बंगाल में एक भी ट्रॉमा सेंटर नहीं : श्री मजुमदार ने कटाक्ष करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस के मंत्री भी अपना चेक-अप कोलकाता या साउथ इंडिया से करवाते हैं. उत्तर बंगाल में कोई ट्रॉमा सेंटर भी नहीं है. केंद्र सरकार ने मालदा मेडिकल कॉलेज में ट्रॉमा केयर सेंटर के लिए फंड दिया है, जो अभी तक पूरा नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने कूचबिहार और रायगंज मेडिकल कॉलेज के डेवलपमेंट के लिए 113.40 करोड़ रुपये दिये हैं. इसके अलावा सिलीगुड़ी में एलिवेटेड रोड बनाने के लिए केंद्र सरकार ने 3500 करोड़ रुपये आवंटित किये हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
