West Bengal Economic Roadmap: पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने ‘एक नये पश्चिम बंगाल’ का आर्थिक रोडमैप पेश किया है. बेंगलुरु में बंगाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की ओर से आयोजित आयोजित एक शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने राज्य के विकास के लिए तैयार की गयी आगामी नीतियों और निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की. वित्त मंत्री ने घोषणा की कि राज्य की महत्वपूर्ण औद्योगिक और भूमि नीति 15 अगस्त जारी कर दी जायेगी. इसके बाद AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) व स्टार्टअप नीतियां अक्टूबर-नवंबर तक आयेंगीं.
- 15 अगस्त तक औद्योगिक नीति का ऐलान करेगी शुभेंदु अधिकारी सरकार
- औद्योगिक नीति के बाद ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर भी लायेगी बंगाल सरकार
- अतीत को भूल जाइए, यह नया बंगाल है, आपको हम देंगे बेहतर माहौल
‘पॉलिसी डेजर्ट’ को खत्म कर बदलेंगे भूमि नीति : दासगुप्ता
ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए बंगाल के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने कहा- पिछली सरकार का भूमि के प्रति रवैया था कि हम भूमि अधिग्रहण में कोई मदद नहीं करेंगे. हमें एक ऐसा ढांचा विरासत में मिला, जो एक प्रकार का ‘पॉलिसी डेजर्ट’ (नीतियों का मरुस्थल) था. हम इसे बदलेंगे और बहुत जल्द इसे पूरा करने की उम्मीद रखते हैं. हम 15 अगस्त तक इसका पहला चरण पूरा कर लेंगे और अक्टूबर-नवंबर तक बुनियादी ढांचा तैयार कर लिया जायेगा. उन्होंने यह भी कहा कि औद्योगिक नीति के तुरंत बाद एक ‘ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर’ (GCC) नीति भी सरकार लायेगी.
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सिंडिकेट राज खत्म करने और कानून-व्यवस्था का भरोसा
उद्योगपतियों और निवेशकों को पश्चिम बंगाल में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा- पश्चिम बंगाल को देखिए. हमें परखिए, चर्चा कीजिए और देखिए कि हम क्या दे सकते हैं. लेकिन अतीत को भूल जाइए, यह एक नया पश्चिम बंगाल है. उन्होंने कहा- हम जो भी रियायतें दे सकते हैं, देंगे. लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हम आपको एक सहायक वातावरण देंगे. हम आपको कानून-व्यवस्था का भरोसा देते हैं. हम आपको आश्वासन देते हैं कि जिसे ‘सिंडिकेट राज’ कहा जाता था, वे बुरे दिन अब नहीं रहेंगे.
केंद्र सरकार से मिला 70,000 करोड़ का बजट सहयोग
स्वपन दासगुप्ता ने पिछले 50 वर्षों की सरकारों पर केंद्र के साथ ‘अनावश्यक रूप से’ हर बात पर झगड़ा करने का आरोप लगाया. कहा कि इसकी वजह से राज्य केंद्रीय सहायता और सहयोग से वंचित रहा. उन्होंने कहा- हम इस चालू वित्त वर्ष के लिए अपने बजट में केंद्र सरकार से 70,000 करोड़ रुपए हासिल करने में सफल रहे हैं.
