बंगाल चुनाव 2026: शुभेंदु अधिकारी का ममता बनर्जी सरकार पर गंभीर आरोप- TMC बंगाल पर थोप रही अरबी संस्कृति

Suvendu Adhikari Arabic Culture Statement: भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने टीएमसी पर बंगाल की सनातन विरासत को नष्ट करने का आरोप लगाया है. ‘मातृशक्ति भरोसा कार्ड’ लांच करते हुए ‘लव जिहाद’ के खिलाफ जंग और ‘बंगाली गौरव’ की बहाली का दावा किया.

Suvendu Adhikari Arabic Culture: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के सियासी समर में ‘पोइला बइसाख’ पर जुबानी जंग तेज हो गयी. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दिग्गज नेता और नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाये.

शुभेंदु ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार राज्य में जान-बूझकर ‘अरबी संस्कृति’ को बढ़ावा दे रही है. यह सरकार सनातन विरासत को कमजोर कर रही है. उन्होंने संकल्प लिया कि भाजपा बंगाल को ‘बंगाली हिंदुओं की मातृभूमि’ के रूप में संरक्षित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.

उर्दू और घूंघट वाली संस्कृति का हो रहा प्रयास : शुभेंदु

‘मातृशक्ति भरोसा कार्ड’ की लांचिंग के मौके पर पत्रकारों से बात करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने टीएमसी की नीतियों पर सवाल उठाये. उन्होंने कहा- बंगाल में उर्दू भाषा और महिलाओं को घूंघट में रखने वाली संस्कृति को थोपने की कोशिश की जा रही है. यह स्वामी विवेकानंद और श्री चैतन्य महाप्रभु की पावन भूमि की आत्मा पर हमला है.

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श्यामा प्रसाद और स्वामी प्रणवानंद की वजह से भारत में है बंगाल : अधिकारी

पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष ने डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी और स्वामी प्रणवानंद महाराज को याद करते हुए कहा कि उनके प्रयासों की वजह से ही 1947 में पश्चिम बंगाल भारत का हिस्सा बन सका. जिन्ना इस जमीन को पाकिस्तान का हिस्सा बनाना चाहते थे, लेकिन हमारे महापुरुषों ने ऐसा नहीं होने दिया.

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‘लव जिहाद’ और ‘अत्याचार’ को खत्म करने का संकल्प

अधिकारी ने बांग्ला नववर्ष पर कई घोषणाएं कीं. उन्होंने कहा कि भाजपा इस नववर्ष पर संकल्प लेती है कि वह बंगाल की माताओं और बहनों के खिलाफ होने वाले ‘लव जिहाद’ को हमेशा के लिए समाप्त कर देगी.

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पार्टी के ‘संकल्प पत्र’ को विश्वास का दस्तावेज बताते हुए उन्होंने कहा कि इसका लक्ष्य बंगाल को देश की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में उसकी खोई प्रतिष्ठा वापस दिलाना है. उन्होंने कहा कि मातृशक्ति भरोसा कार्ड टीएमसी की योजनाओं के जवाब में महिलाओं के लिए ‘सुरक्षा और सशक्तीकरण’ की सबसे बड़ी गारंटी है.

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Suvendu Adhikari Arabic Culture: बंगाल की पहचान पर छिड़ी नयी बहस

शुभेंदु अधिकारी के इस बयान ने राज्य में पहचान की राजनीति (Identity Politics) को एक नया मोड़ दे दिया है. टीएमसी बंगाली संस्कृति को बचाने का दावा कर रही है, तो शुभेंदु ने उसे ‘अरबी संस्कृति’ से जोड़कर ध्रुवीकरण की पिच तैयार कर दी है. उन्होंने साफ किया कि भाजपा के लिए यह चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि बंगाल की मूल पहचान को बचाने की लड़ाई है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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