ममता बनर्जी को धूल चटाने के बाद शुभेंदु अधिकारी का 60 फीसदी वोट और 100 साल तक सरकार का दावा

Suvendu Adhikari Mission 60 Percent Vote: भवानीपुर और नंदीग्राम से जीत दर्ज करने वाले शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि भाजपा का वोट शेयर 46 फीसदी से बढ़ाकर 60 फीसदी करेंगे. उन्होंने 10 दिन में एक सीट से इस्तीफे और 9 मई के बाद जश्न मनाने की बात कही है.

Suvendu Adhikari Mission 60 Percent Vote: पश्चिम बंगाल में ‘अजेय’ माने जाने वाले ममता बनर्जी के गढ़ भवानीपुर को ढाहने और नंदीग्राम का अपना किला बचाने वाले भाजपा के दिग्गज नेता शुभेंदु अधिकारी अब मिशन-60 में जुट गये हैं. बुधवार को नंदीग्राम में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शुभेंदु ने भविष्य का खाका पेश किया.

बंगाल में बहेगी विकास की गंगा : शुभेंदु

शुभेंदु ने कहा कि इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को लगभग 46 प्रतिशत वोट मिले हैं. आने वाले समय में विकास की ऐसी गंगा बहेगी कि भाजपा का वोट शेयर 60 प्रतिशत के पार चला जायेगा. इसके साथ ही उन्होंने 2 सीटों पर मिली जीत के बाद पैदा हुए संवैधानिक सस्पेंस पर भी विराम लगा दिया.

10 दिन में एक सीट से इस्तीफा, आलाकमान लेगा फैसला

शुभेंदु अधिकारी ने साफ कर दिया कि वे भवानीपुर और नंदीग्राम दोनों जगहों की जनता के ऋणी हैं. नियम के मुताबिक उन्हें एक सीट छोड़नी होगी. उन्होंने कहा- मैं 10 दिन के भीतर एक सीट खाली कर दूंगा. मैं भवानीपुर और नंदीग्राम, दोनों की जिम्मेदारी नहीं भूलूंगा. पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व तय करेगा कि मैं किस सीट पर विधायक बना रहूंगा.

इसे भी पढ़ें : सुनील बंसल, जिसने ओडिशा से बंगाल तक बनवा दी बीजेपी सरकार, पढ़ें मोदी-शाह के सबसे भरोसेमंद रणनीतिकार की पूरी कहानी

असली परिवर्तन का दावा और कार्यकर्ताओं को नसीहत

शुभेंदु अधिकारी ने वर्ष 2011 के उस दौर को भी याद किया, जब उन्होंने ममता बनर्जी के साथ मिलकर वामपंथ को सत्ता से बेदखल किया था. शुभेंदु ने कहा- मैं 2011 के परिवर्तन का हिस्सा था. अब मैं वास्तविक परिवर्तन का हिस्सा हूं. हम ऐसा काम करेंगे कि बंगाल में भाजपा की सरकार 100 साल तक बनी रहे.

बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

जश्न पर ब्रेक, 9 मई तक भाजपा कार्यकर्ता न मनायें उत्सव

नंदीग्राम के भूमिपुत्र ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अभी विजय रैलियां न निकालें. शांति और अनुशासन बनाये रखें और 9 मई को नयी सरकार बनने के बाद ही उत्सव मनायें. टीएमसी शासन में भाजपा कार्यकर्ताओं पर हुए हमलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वे उन अत्याचारों को कभी नहीं भूलेंगे और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी.

इसे भी पढ़ें : इस्तीफा नहीं दूंगी, चाहे राष्ट्रपति शासन लगा दो, हार के बाद ममता बनर्जी का रौद्र रूप, कहा- सुप्रीम कोर्ट से इंटरनेशनल कोर्ट तक जायेगी TMC

Suvendu Adhikari Mission 60 Percent Vote: नंदीग्राम में टेका मत्था, सबका विकास का दिया मंत्र

शुभेंदु ने नंदीग्राम के हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की और हिंसा में शहीद हुए कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने वादा किया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में होने वाले विकास में किसी भी क्षेत्र या वर्ग की उपेक्षा नहीं की जायेगी. सरकार की हर योजना का लाभ राज्य के प्रत्येक नागरिक तक पहुंचेगा. शुभेंदु के ‘मिशन-60’ ने विपक्षी खेमे में खलबली मचा दी है.

इसे भी पढ़ें

बंगाल की राजनीति के ‘गेमचेंजर’ हैं शुभेंदु अधिकारी? नंदीग्राम के नायक से ममता बनर्जी को ललकारने तक, जानें 5 अनकहे सच

बंगाल में ममता बनर्जी के खास अफसरों पर गिरी गाज, रिटायर नौकरशाहों की दफ्तरों में एंट्री बैन, मुख्य सचिव का सख्त फरमान

पीएम मोदी की तरह नंदीग्राम छोड़ भवानीपुर को चुनेंगे शुभेंदु अधिकारी या चुनेंगे नयी राह, फैसला 10 दिन में

ममता बनर्जी की जिद पर भड़के जेठमलानी, कहा- इस्तीफा न दें, तो धक्के मारकर निकालें, वह अब ऑफिस में घुसपैठिया

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >