खास बातें
Suvendu Adhikari Celebration Kanthi: पश्चिम बंगाल के नवनियुक्त मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी शपथ ग्रहण के बाद पहली बार देर रात अपने पैतृक निवास कांथी (Kanthi) पहुंचे, तो वहां का नजारा ऐसा था मानो दीपावली हो. जैसे ही ‘मेदिनीपुर के बेटे’ का काफिला आधी रात को कांथी की सीमा में दाखिल हुआ, पूरा इलाका ‘जय श्रीराम’ और ‘वंदे मातरम’ से गूंज उठा.
आधी रात को कांथी की सड़कों पर जनसैलाब
ब्रिगेड परेड ग्राउंड में भव्य शपथ ग्रहण समारोह के बाद शुभेंदु सीधे अपने माता-पिता का आशीर्वाद लेने घर पहुंचे. कांथी की सड़कों पर आधी रात को भी जनसैलाब ऐसा था, मानो पूरा शहर सोयी नहीं, बल्कि अपने ‘नायक’ के स्वागत का इंतजार कर रहा था.
शंख ध्वनि और आतिशबाजी, कांथी में मिनी दीपावली
शुभेंदु अधिकारी के स्वागत के लिए कांथी में अभूतपूर्व इंतजाम थे. महिलाओं ने शंख बजाकर और तिलक लगाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया. कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को केसरिया गुलाल से सराबोर कर दिया.
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मेरे बेटे ने बहुत संघर्ष किया : शिशिर अधिकारी
शुभेंदु ने अपने घर पहुंचकर पिता शिशिर अधिकारी और माता गायत्री देवी के पैर छुए. पिता शिशिर अधिकारी ने कहा- यह मेदिनीपुर की मिट्टी की जीत है. मेरे बेटे ने बहुत संघर्ष किया है और आज बंगाल की जनता ने उसे सही जिम्मेदारी सौंपी है.
Suvendu Adhikari Celebration Kanthi: आधी रात का जश्न
आधी रात को भी आसमान आतिशबाजी की रोशनी से नहाया हुआ था. मिठाई की दुकानें खुली थीं और लोगों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर जमकर डांस किया.
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शुभेंदु का संदेश- यह मेरी नहीं, आपकी जीत है
जश्न में शामिल समर्थकों को संबोधित करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा- मैं कांथी की जनता का ऋणी हूं, जिन्होंने मुझे संघर्ष की ताकत दी. यह जीत बंगाल के हर उस गरीब और शोषित इंसान की है, जो बदलाव की राह देख रहा था. मुख्यमंत्री ने दोहराया कि उनका पहला लक्ष्य राज्य में कानून-व्यवस्था को बहाल करना और विकास को गति देना है. नयी सरकार बिना किसी भेदभाव के हर बंगाली के लिए काम करेगी. ‘प्रतिशोध की राजनीति’ का अंत होगा.
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मेदिनीपुर बना सत्ता का नया केंद्र
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शुभेंदु के मुख्यमंत्री बनने से बंगाल की सत्ता का केंद्र अब कोलकाता से खिसककर मेदिनीपुर की ओर भी झुका है. कांथी में हुए इस ‘मिडनाइट सेलिब्रेशन’ ने साबित कर दिया कि शुभेंदु की पकड़ अपने इलाके में कितनी मजबूत है. 2026 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत (207 सीटें) के पीछे मेदिनीपुर और आसपास के जिलों का बड़ा योगदान रहा है.
कांथी का संदेश- नयी दिशा में बढ़ चुका है बंगाल
कांथी की शांतिपूर्ण लेकिन जोशीली सड़कों ने यह संदेश दे दिया है कि बंगाल अब एक नयी दिशा में कदम बढ़ा चुका है. मुख्यमंत्री के रूप में शुभेंदु का अपने घर आना न केवल समर्थकों के लिए उत्सव थी, बल्कि विरोधियों के लिए भी एक बड़ा राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन था.
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