दो दिनों के लिए पश्चिम बंगाल का राज्य सचिवालय बंद, शुरू हुआ सैनिटाइजेशन का काम

कोरोना के लगातार बढ़ते संक्रमण को देखते हुए पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य सचिवालय नबान्न को दो दिनों के लिए बंद कर दिया है. सचिवालय सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देशानुसार इसे बंद किया गया है. राज्य सरकार ने राज्य सचिवालय, नबान्न का रविवार से रसायनों का छिड़काव कर जीवाणु मुक्ति अभियान शुरू हुआ.

कोलकाता : कोरोना के लगातार बढ़ते संक्रमण को देखते हुए पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य सचिवालय नबान्न को दो दिनों के लिए बंद कर दिया है. सचिवालय सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देशानुसार इसे बंद किया गया है. राज्य सरकार ने राज्य सचिवालय, नबान्न का रविवार से रसायनों का छिड़काव कर जीवाणु मुक्ति अभियान शुरू हुआ.

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मुख्यमंत्री ने कहा था कि रविवार और सोमवार को नबान्न बंद रहेगा. उन्होंने पत्रकारों से भी अनुरोध किया कि वह इन दो दिनों में नबान्न न आएं. उल्लेखनीय है कि पिछले महीने भी नबान्न को उस वक्त सैनिटाइज किया गया था, जब राज्य के गृह विभाग की एक अधिकारी का बेटा कोरोना पॉजिटिव पाया गया था और उक्त अधिकारी नबान्न पहुंचीं थीं. कोरोना से लड़ाई के सिलसिले में नबान्न राज्य भर में बतौर मुख्यालय काम कर रहा है.

सरकार ने कोरोना का मुकाबला करने के लिए तीन टास्क फोर्सेस का गठन किया है. यह सभी नबान्न से ही कार्य कर रहे हैं. अधिकतर विभाग हालांकि बंद है और कर्मचारियों को घर से काम करने की छूट दी गयी है, लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और कुछ शीर्ष अधिकारी भी नियमित रूप से इस महामारी से निपटने की रणनीति बनाने और मीडिया वार्ता के लिए सचिवालय जा रहे हैं.

मुख्यमंत्री ने यह भी आदेश दिया है कि कोलकाता नगर निगम के सभी वार्डों को भी सैनिटाइज किया जायेगा. दरअसल राज्य सचिवालय नवान्न हावड़ा में हुगली नदी के तट पर स्थित है. यहां क्षेत्र में कई कोरोना संक्रमण के मामले सामने आये हैं. इसलिए एहतियात बरतते हुए सचिवालय को सैनिटाइज करने का निर्णय लिया गया है.

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By AmleshNandan Sinha

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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