आज विशेष रक्तदान शिविर, तीन लाख यूनिट रक्त का लक्ष्य

दुर्गापूजा से पहले माॅनसून के दौरान राज्य भर में रक्त संकट देखा जाता है, क्योंकि ज्यादातर रक्तदान शिविरों का आयोजन किसी क्लब या सामाजिक संगठनों द्वारा किया जाता है.

कोलकाता. दुर्गापूजा से पहले माॅनसून के दौरान राज्य भर में रक्त संकट देखा जाता है, क्योंकि ज्यादातर रक्तदान शिविरों का आयोजन किसी क्लब या सामाजिक संगठनों द्वारा किया जाता है. पर दुर्गापूजा के आयोजन को लेकर ज्यादातर क्लब दो से तीन महीने व्यस्त रहते हैं, इसलिए पूजा से पहले राज्य भर में रक्त की कमी देखी जाती है. इस कमी को कुछ हद तक कम करने के लिए 17 सितंबर यानी बुधवार को अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद ने देश भर में तीन लाख यूनिट रक्त एकत्र करने का लक्ष्य रखा है. आयोजकों ने कोलकाता के प्रेस क्लब में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी. पश्चिम बंगाल के अभिनय प्रशिक्षक अमिताभ दासानी ने यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि संगठन की 61वीं स्थापना वर्षगांठ पश्चिम बंगाल सह पूरे देश में मनाया जायेगा. वहीं, राज्य में करीब 200 शिविर आयोजित किये जायेंगे. सभी जिलों में शिविर आयोजित किये जायेंगे. इस दिन कोलकाता में श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट (कोलकाता पोर्ट), कोल इंडिया (मुख्यालय), मेट्रो रेल भवन और कोलकाता व बागडोगरा हवाई अड्डों पर स्वैच्छिक रक्तदान शिविर भी आयोजित किये जायेंगे. आयोजकों ने यह भी बताया है कि रक्तदान अमृत महोत्सव आज दुनिया का सबसे बड़ा रक्तदान शिविर है. संस्था ने इसके लिए भव्य व्यवस्था की है. गौरतलब है कि यह पहल देश भर में रक्त की कमी को पूरी करने के लिए की जा रही है. केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने भी इस रक्तदान शिविर के आयोजन को मंजूरी दे दी है.

इसके साथ ही आयोजकों ने कहा कि वे 2022 से यह पहल करते आ रहे है. 6,149 रक्तदान शिविर पहले ही आयोजित किये जा चुके हैं. उस अवसर पर संस्था का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ था. ज्ञात हो कि संस्था के पास एक दिन में 2.5 लाख यूनिट रक्त एकत्र करने का सर्वोच्च रिकॉर्ड है.

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By SUBODH KUMAR SINGH

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