कोलकाता. पश्चिम बंगाल में दिवाली और काली पूजा की धूम रही और शाम को पूरा राज्य रंग-बिरंगी रोशनियों की चमक के साथ जीवंत हो उठा. इस अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं ने राज्य भर के प्रसिद्ध काली मंदिरों में जाकर पुजारियों के मंत्रोच्चार के बीच देवी मां को पुष्पांजलि अर्पित की. उत्तर 24 परगना के बारासात और नैहाटी कस्बों में रंग-बिरंगी रोशनी से सजी सड़कों पर सामुदायिक काली पूजा पंडाल खूबसूरती से सजाए गए हैं जहां पर भारी भीड़ उमड़ी. कोलकाता सहित राज्य के सभी भागों में बड़ी संख्या में सामुदायिक काली पूजा आयोजित की गयी, जो कालीघाट काली मंदिर का पर्याय है. राज्य भर में कई निजी घरों और आवासीय परिसरों को रंग-बिरंगी रोशनियों और मिट्टी के दीयों से सजाया गया. राज्य सरकार के पुलिस और पर्यावरण विभाग ने यह सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त व्यवस्था की कि इस अवसर पर निर्धारित समय-सीमा के अंदर ही पटाखे छोड़े जायें. कोलकाता के कालीघाट से लेकर बीरभूम जिले के तारापीठ, उत्तर 24 परगना के दक्षिणेश्वर और बड़ो मां मंदिर तक प्रसिद्ध काली मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारें देखी गयीं, जो धैर्यपूर्वक देवी की एक झलक पाने और प्रार्थना करने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे. कोलकाता के गोवा बागान इलाके में फानूस उत्सव का आयोजन किया गया, जिसमें फानूस के जरिये लोगों को संदेश देने की कोशिश की.
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