परीक्षा के लिए कुछ जूनियर डॉक्टरों ने लिया विराम

इसलिए विरोध करने वाले जूनियर डॉक्टर अब पढ़ाई करना चाह रहे हैं.

कोलकाता. आरजी कर रेप व मर्डर कांड को लेकर पिछले करीब तीन महीने से जूनियर डॉक्टरों का आंदोलन जारी है. न्याय की मांग के साथ-साथ जूनियर डॉक्टरों ने अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे और ‘खतरे की संस्कृति’ के खिलाफ भी आवाज उठा रहे हैं. लेकिन इस बीच अब कुछ जूनियर डॉक्टरों की परीक्षा आ रही है. इसलिए विरोध करने वाले जूनियर डॉक्टर अब पढ़ाई करना चाह रहे हैं. इस संबंध में आरजी कर आंदोलन के चेहरों में से एक डॉ असफाकुल्ला नाइया ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर एक लंबी पोस्ट की. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा है कि परीक्षा के चलते वे अगले कुछ दिनों तक सार्वजनिक तौर पर नजर नहीं आयेंगे. उन्होंने लिखा है कि लंबे संघर्ष में उन्होंने बहुत कुछ पाया है और बहुत कुछ खोया है. करीब तीन महीने तक हम सब मिलकर अन्याय के खिलाफ लड़ते रहे. इस दौरान हमने बहुत कुछ खोया है. हमें नहीं पता कि हमारे आंदोलन से किसी की कुर्सी हिली या नहीं. लेकिन कुर्सी के डर से हममें से कोई भी न्याय की मांग से पीछे नहीं हटा.

उन्होंने कहा कि हमारी मास्टर इन सर्जरी (एमएस) और मास्टर इन मेडिसीन (एमडी) परीक्षा सामने है और हममें से कुछ को पढ़ाई करने की जरूरत है, इसलिए हममें से कुछ लोग कुछ दिनों तक नहीं दिखेंगे. लेकिन आंदोलन जारी है और जारी रहेगा. गौरतलब है कि आरजी कर दुष्कर्म-हत्या मामले के विरोध में असफाकुल्ला समेत कई जूनियर डॉक्टर नौ अगस्त से लगातार आंदोलन कर रहे हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >