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Signature Forgery Case: पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति से संबंधित विधानसभा अध्यक्ष को सौंपे गये एक पत्र पर कथित जाली हस्ताक्षर मामले में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक शोभनदेव चट्टोपाध्याय की मुश्किलें बढ़ गयीं हैं. इस मामले की जांच के सिलसिले में क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीआईडी) ने शनिवार को तृणमूल के वरिष्ठ विधायक से उनके आवास पर पूछताछ की.
भवानीपुर स्थित आवास पर सीआईडी के 2 अधिकारियों ने की पूछताछ
सूत्रों के अनुसार, सीआईडी की 2 सदस्यीय टीम भवानीपुर स्थित शोभनदेव चट्टोपाध्याय के आवास पर पहुंची और उनसे एक घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की. हाल के विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद तृणमूल विधायक दल पर नियंत्रण को लेकर तीखी राजनीतिक खींचतान के बीच सामने आये इस मामले की जांच में यह अब तक का ताजा घटनाक्रम है.
शोभनदेव बोले- आरोप लगाने वाले बैठक में मौजूद थे
चट्टोपाध्याय ने पूछताछ के बाद पत्रकारों से कहा कि वह जांच में पूरा सहयोग देने के लिए तैयार हैं. बालीगंज से विधायक शोभनदेव ने कहा- मैं जांच में 200 प्रतिशत से भी अधिक सहयोग करूंगा. लेकिन जिन लोगों ने हस्ताक्षर जालसाजी के आरोप लगाये हैं, उनसे भी पूछताछ की जानी चाहिए, क्योंकि प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किये जाने के समय सभी लोग मौजूद थे.
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Signature Forgery Case: स्पीकर ने पत्र को स्वीकार करने से कर दिया था इनकार
यह विवाद उस पत्र को लेकर है, जिसे ममता बनर्जी गुट ने विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बोस को सौंपा था. इस पत्र में नेता प्रतिपक्ष के पद के लिए शोभनदेव चट्टोपाध्याय का नाम आगे किया गया था. पत्र पर तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के कथित हस्ताक्षर थे. हालांकि, दस्तावेज पर हस्ताक्षर जाली होने के आरोप सामने आने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने इस पत्र को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था.
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