कोलकाता. रविवार को दक्षिण 24 परगना के अलग-अलग जगहों पर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष व भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी को तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों का विरोध का सामना करना पड़ा है. ऐसा हाल रायदीघी, पाथरप्रतिमा, कुलतली, आमतला, मथुरापुर व अन्य जगहों में देखे गये. इसी बीच पाथरप्रतिमा इलाके में सभा के दौरान भाजपा नेता अधिकारी ने एक बार फिर बंगाल में राष्ट्रपति शासन की मांग की, जिसको लेकर राज्य की राजनीति गरमा गयी है. अधिकारी ने कहा कि “अगर उनके हाथ में क्षमता होती, तो वह बंगाल में केवल एक घंटे में राष्ट्रपति शासन लागू कर देते.” दक्षिण 24 परगना में काली पूजा मंडप के उद्घाटन के अलग-अलग कार्यक्रम में जाने के दौरान रास्ते में अधिकारियों को विरोध के सम्मुख होना पड़ा था. लोगों ने “गो बैक” के नारे लगाये और कई जगह काले झंडे दिखाये. पाथरप्रतिमा में सभा के दौरान जनता ने जोर देकर राष्ट्रपति शासन की मांग की. एक व्यक्ति चिल्लाकर मंच पर यह मांग उठा रहा था. अधिकारी स्टेज पर माइक हाथ में लेकर खड़े थे. उन्होंने जनता से कहा कि उनके हाथ में क्षमता होती, तो यह कदम केवल एक घंटे में उठाया जा सकता था. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी आवाज उठायें. सभा में उन्होंने तृणमूल की नीतियों और राज्य में कानून-व्यवस्था पर तीखा हमला किया. उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल की हुकूमत में पुलिस और बालू माफिया के बीच मिलीभगत के कारण लोकतंत्र कमजोर हुआ है. अधिकारी ने अपने भाषण में आगे कहा कि जो लोग दक्षिण 24 परगना के मूल निवासी हैं, उनकी संख्या घट रही है और अन्य लोग क्षेत्र पर कब्जा कर रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े लोगों के बारे में उनका कोई बयान नहीं है, लेकिन बयान गैरकानूनी प्रवासी अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े लोगों के लिए है, जो देश में रह रहे हैं. उन्होंने जनता से अपील की कि वे अपने अधिकारों के लिए आवाज उठायें और ध्यान दें कि लोकतंत्र में उनके वोट का महत्व है. उन्होंने राज्य में हुए गत चुनावों की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाया और आरोप लगाया कि “गत लोकसभा चुनाव में राज्य के कई स्थानों पर इवीएम पर टेप लगा हुआ था. मेरे पास सैकड़ों वीडियो प्रमाण हैं. चार नवंबर के बाद वह जनता को सबूत के साथ दिखायेंगे.”
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
