कूचबिहार में दो भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या की हो निष्पक्ष जांच

कूचबिहार जिले के माथाभांगा इलाके में भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या के मामले को लेकर बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने गंभीर आरोप लगाये हैं.

कोलकाता.

कूचबिहार जिले के माथाभांगा इलाके में भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या के मामले को लेकर बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने गंभीर आरोप लगाये हैं. गुरुवार को प्रदेश भाजपा मुख्यालय, मुरलीधर सेन लेन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में शुभेंदु ने कहा कि माथाभांगा विधानसभा क्षेत्र के हाजराहाट-1 नंबर ग्राम पंचायत इलाके में तृणमूल कांग्रेस के गुंडों द्वारा भाजपा के दो सक्रिय कार्यकर्ताओं की हत्या की गयी है, जबकि छह अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं. इस हिंसा में मारे गये कार्यकर्ताओं के नाम माधव सरकार और यादव सरकार हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस घटना के बाद इसे पारिवारिक विवाद बताने की कोशिश कर रही है, जबकि सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है. उनके अनुसार, मृतक दोनों व्यक्ति भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता थे और हमलावर तृणमूल कांग्रेस से जुड़े परिचित अपराधी हैं. विपक्ष के नेता ने कहा कि माधव सरकार मंडल स्तर पर युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष थे और पार्टी की सदस्यता भी उन्होंने सक्रिय रूप से निभायी थी. अधिकारी ने संवाददाता सम्मेलन के दौरान इस हमले में शामिल तृणमूल कांग्रेस से जुड़े आरोपितों के नामों की सूची भी सार्वजनिक की. उन्होंने मांग की कि इस मामले में शामिल सभी आरोपितों को तुरंत गिरफ्तार किया जाये और घटना की निष्पक्ष जांच हो. शुभेंदु ने आरोप लगाया कि मृत भाजपा कार्यकर्ताओं के घरों तक पार्टी के विधायकों को जाने से रोका जा रहा है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि भाजपा पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और हर तरह की मदद दी जायेगी. उन्होंने इस घटना को राज्य में राजनीतिक हिंसा का एक और उदाहरण बताते हुए मुख्यमंत्री और प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किये. इससे पहले, सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से शुभेंदु अधिकारी ने राज्य सरकार के निर्देशों और प्रशासन के एक हिस्से की भूमिका पर भी सवाल उठाये. उन्होंने कहा कि एसआइआर प्रक्रिया के मद्देनजर तृणमूल कांग्रेस सरकार अब डब्ल्यूबीसीएस अधिकारियों को लुभाने की कोशिश कर रही है, जिनके लिए पिछले डेढ़ दशक में राज्य सरकार ने कुछ भी नहीं किया. शुभेंदु ने डब्ल्यूबीसीएस अधिकारियों को तृणमूल कांग्रेस सरकार के झांसे में नहीं पड़ने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ दशक के कार्यकाल में तृणमूल सरकार ने डब्ल्यूबीपीएस कैडर के अधिकारियों को जो सुविधाएं प्रदान की हैं, डब्ल्यूबीसीएस अधिकारियों को वह सुविधाएं नहीं दी गयी हैं. चाहे वेतन वृद्धि का मामला हो, पदोन्नति हो या ट्रांसफर का. शुभेंदु अधिकारी ने मुर्शिदाबाद के युवक की ओडिशा में हत्या मामले पर भी तृणमूल कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह प्रवासी मजदूरों की मौत के बारे में गलत जानकारी फैला रही है.

उन्होंने कहा कि ओडिशा के मुख्यमंत्री और वहां का प्रशासन मामले को बहुत गंभीरता से देख रहा है, जबकि यहां की तृणमूल घटना को लेकर राजनीति कर रही है. शुभेंदु ने बनगांव में दो मतुआ समुदाय के बीच आपसी विवाद को लेकर भी तृणमूल को आड़े हाथों लिया. उन्होंने दावा किया कि तृणमूल हमला करने गयी थी, लेकिन भाजपा सांसद शांतनु ठाकुर ने उसे रोक दिया था. इसके बावजूद पुलिस सत्तारूढ़ पार्टी के इशारे पर भाजपा सांसद के समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है.

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Published by: Bijay kumar

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