कपिल मुनि आश्रम की ओर बढ़ रहा समुद्र का पानी, मंत्री ने केंद्र पर उदासीनता का लगाया आरोप

समुद्र उफान पर है. द्वीप डूब रहा है. पवित्र तीर्थस्थल गंगासागर ऐसी ही भयावह स्थिति का शिकार हो रहा है.

सागरद्वीप. समुद्र उफान पर है. द्वीप डूब रहा है. पवित्र तीर्थस्थल गंगासागर ऐसी ही भयावह स्थिति का शिकार हो रहा है. पिछले दो दिनों में गंगासागर के तटों पर यह तस्वीर और भी स्पष्ट होती दिख रही है. गंगासागर में कटाव जारी है. समुद्र धीरे-धीरे तीर्थस्थल को निगल रहा है. पिछले दो दिनों से बने निम्न दबाव और पूर्णिमा के साथ स्थिति और भी भयावह हो गयी है. समुद्र धीरे-धीरे कपिल मुनि मंदिर की ओर बढ़ रहा है. ज्वार आने पर समुद्र की अशांत लहरें अब कपिल मुनि मंदिर से मात्र 250 से 300 मीटर की दूरी पर टकराती हैं. जैसे-जैसे दिन बीतते जा रहे हैं, यह दूरी कम होती जा रही है. सागर द्वीप के निवासी भयभीत हैं, क्योंकि मंदिर आने-जाने वाली सड़क संख्या एक से छह पर कटाव शुरू हो गया है. सुंदरवन विकास मंत्री बंकिम चंद्र हाजरा ने रविवार को समुद्र तट की कटावग्रस्त सड़कों का दौरा किया था. मंत्री ने कहा कि स्थिति चिंताजनक है. राज्य सरकार ने अपनी सीमित क्षमता से तटबंध की मरम्मत के लिए बार-बार प्रयास किया है. तटबंध से समुद्र को रोकना संभव नहीं है. उनका कहना था कि केंद्र सरकार के वित्तीय सहयोग के बिना उन्नत तकनीक वाले तटबंध का निर्माण करना संभव नहीं है. मुख्यमंत्री ने केंद्र को बार-बार इस बारे में बताया है, लेकिन केंद्र इस पवित्र भूमि की रक्षा के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा.

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस मामले में पूरी तरह से उदासीन है.

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