खास बातें
Sarkari Naukri: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) सरकार बड़े-बड़े फैसले ले रही है. संदेशखाली से लेकर फालता तक कानून का राज स्थापित करने की कोशिशों के बीच अब सूबे की पुलिसिंग को अंतरराष्ट्रीय स्तर का और ‘डिजिटल फ्रेंडली’ बनाने के लिए राज्य सचिवालय नबान्न (Nabanna) में बड़ा समझौता हुआ. केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) के अधीन आने वाली प्रतिष्ठित राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी (Rashtriya Raksha University – RRU) और पश्चिम बंगाल पुलिस के बीच एक हाई-प्रोफाइल एमओयू (MoU) साइन किया गया.
नवंबर 2025 में आया था समझौते का प्रस्ताव
इस अवसर पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के युवाओं के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी देते हुए ऐलान किया कि पिछले काफी समय से ट्रेनिंग पूरी करके घर बैठे 16,000 प्रशिक्षित कांस्टेबलों को बहुत जल्द सेवा में शामिल किया जा रहा है. नवंबर 2025 में ही बंगाल पुलिस और राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी के बीच साझेदारी का प्रस्ताव आया था, लेकिन तत्कालीन ममता बनर्जी सरकार ने इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया.
हम करेंगे कौशल का सही इस्तेमाल: शुभेंदु अधिकारी
शुभेंदु अधिकारी ने कहा- एक दौर था, जब बंगाल पुलिस की तुलना स्कॉटलैंड यार्ड से होती थी. इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर का माना जाता था. लेकिन पिछली सरकार में पुलिस के कौशल और क्षमता का सही उपयोग नहीं किया गया. हमारी सरकार ने इस प्रस्ताव को तुरंत लागू कर दिया है.
साइबर क्राइम और इंटरनल सिक्योरिटी में ‘स्पेशल’ कमांड
नबान्न में राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी के प्रो-वाइस चांसलर कल्पेश एच वांड्रार और पश्चिम बंगाल पुलिस के महानिदेशक (DGP) सिद्धिनाथ गुप्ता के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हुआ. समझौते के तहत यह यूनिवर्सिटी बंगाल पुलिस और कोलकाता पुलिस के जवानों को निम्नलिखित क्षेत्रों में तैयार करेगी.
- डिजिटल युग की चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस को अत्याधुनिक साइबर सपोर्ट, एडवांस्ड इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक तकनीक से लैस किया जायेगा.
- पुलिस बल की कार्यकुशलता और संवेदनशीलता को बढ़ाने के लिए कई नये शैक्षणिक कोर्सेज और क्षमता निर्माण (Capacity Building) कार्यक्रमों की शुरुआत की जायेगी.
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Sarkari Naukri: 16,000 कांस्टेबलों की खत्म होगी बेरोजगारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 16,000 नवनियुक्त कांस्टेबल अपनी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद भी प्रशासनिक लापरवाही के कारण घर पर खाली बैठे थे. सरकार अब उनके उपयोग के लिए त्वरित व्यवस्था कर रही है. बहुत जल्द इन सभी 16 हजार जवानों को अलग-अलग थानों और सुरक्षा चौकियों पर तैनात कर दिया जायेगा, जिससे राज्य में सुरक्षा का पहरा और मजबूत होगा.
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