महालया पर बंगाल में आरएसएस की बड़ी सभा, बंगाल में परंपरा से पहले हुआ आयोजन

महालया पर बंगाल में आरएसएस की बड़ी सभा

विजय दशमी के दिन ही हुई थी संघ की पहली बैठक कोलकाता. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने पश्चिम बंगाल के लिए अपने नियमों में ढील दी है. देश के अन्य राज्यों में आरएसएस के शताब्दी वर्ष के अवसर पर सबसे महत्वपूर्ण सभा विजय दशमी को होगी. पर पश्चिम बंगाल में वह सभा महालया के दिन ही आयोजित की गयी. राज्य भर में विभिन्न स्थानों पर स्वयंसेवक और पदाधिकारी पूरी वेशभूषा (आरएसएस की विशिष्ट पोशाक) में सड़कों पर उतरे. सबसे पहले, शाखा का आयोजन किया गया. उसके बाद, शताब्दी एकीकरण कार्यक्रम पथ संचलन (रूट मार्च) के साथ समाप्त हुआ. केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार भी रविवार को वेशभूषा के साथ पथ संचलन में भाग लेते देखे गये. विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी भी सड़कों पर उतरे. आरएसएस का यह कार्यक्रम हर साल विजयादशमी के दिन आयोजित किया जाता है. विजयादशमी के दिन, सरसंघचालक (आरएसएस प्रमुख) अपना सबसे महत्वपूर्ण वार्षिक भाषण भी देते हैं, क्योंकि 1925 में केशव बलिराम हेडगेवार ने विजयादशमी के दिन ही संघ की स्थापना पर पहली बैठक आयोजित की थी. हर साल विजयादशमी के दिन सरसंघचालक के भाषण में संघ की पिछले वर्ष की गतिविधियों का विश्लेषण होता है. साथ ही यह भी स्पष्ट होता है कि आने वाले समय में संघ की नीतिगत दिशा क्या होगी. संघ प्रमुख के इस वार्षिक भाषण के आसपास पूरे देश में स्वयंसेवकों के संगठित समागम आयोजित किये जाते हैं. लेकिन पश्चिम बंगाल के मामले में ऐसी व्यवस्था हमेशा थोड़ी कठिन रही है. क्योंकि, यहां स्वयंसेवक उस समय दुर्गापूजा और विजयादशमी में भी व्यस्त रहते हैं, इसलिए इस वर्ष पश्चिम बंगाल के स्वयंसेवकों के लिए वैकल्पिक तिथि पर एकत्र होने की व्यवस्था की गयी है. आरएसएस के दक्षिण बंगाल प्रचारक बिप्लब राय ने कहा : हमने महालया के अवसर पर पश्चिम बंगाल में लगभग एक हजार स्थानों पर एकत्रित होने की योजना बनायी थी. इनमें से लगभग 300 दक्षिण बंगाल में हैं. बाकी मध्य बंगाल और उत्तर बंगाल में हैं. लगभग सभी स्थानों से कार्यक्रमों की तस्वीरें और वीडियो हमारे पास पहुंच चुके हैं. आरएसएस सूत्रों का दावा है कि महालया के दिन राज्य भर से एक लाख से ज्यादा स्वयंसेवकों ने भाग लिया. पूर्वी भारत क्षेत्र के शीर्ष आरएसएस पदाधिकारी जैसे रामपद पाल, जलधर महतो, सुब्रत चटर्जी व जिष्णु बसु ने रविवार को राज्य के विभिन्न हिस्सों में रोड शो में भाग लिया. केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत ने न्यू टाउन में और विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने कांथी में रविवार को संघ के कार्यक्रम में भाग लिया. इस वर्ष भी, सरसंघचालक मोहन भागवत का भाषण विजयादशमी के दिन होगा. चूंकि यह शताब्दी भाषण है, इसलिए पश्चिम बंगाल के स्वयंसेवकों को उस दिन भी उस भाषण को सुनने के लिए एकत्रित होना होना होगा.

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Published by: Sandip tiwari

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