खास बातें
Ratna Debnath Meets Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल की सियासत में आरजी कर (RG Kar) कांड एक बार फिर तूफान बनकर उभरा है. नबान्न (राज्य सचिवालय) में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद पीड़िता की मां और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की विधायक रत्ना देबनाथ ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर बड़ा हमला बोला.
फिर जिंदा हुई ‘जवाबदेही’ बनाम ‘इंसाफ’ की बहस
ममता बनर्जी के सत्ता से हटने के बाद पहली बार नबान्न पहुंचीं रत्ना देबनाथ ने रुंधे गले से कहा- फर्क सिर्फ इतना है कि मैंने अपनी कोख सूनी होते देखी और अपनी बेटी खोयी, जबकि उन्होंने (ममता) सिर्फ अपनी कुर्सी खोयी है. इस बयान ने बंगाल की राजनीति में ‘जवाबदेही’ और ‘इंसाफ’ की बहस को फिर से जिंदा कर दिया है.
नबान्न की सीढ़ियों पर भावुक पल, शुभेंदु ने दिया न्याय का भरोसा
मंगलवार को बीजेपी विधायक रत्ना देबनाथ ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से विशेष मुलाकात की. इस बैठक के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि आरजी कर मामले में जो संस्थागत कवर-अप (Institutional Cover-up) हुआ था, उसके दोषियों को बेनकाब किया जाये. शुभेंदु अधिकारी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि नयी सरकार इस मामले की तह तक जायेगी और किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति को बख्शा नहीं जायेगा.
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सीबीआई एसआईटी (CBI SIT)
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब कलकत्ता हाईकोर्ट ने सबूतों से छेड़छाड़ के आरोपों की जांच के लिए 3 सदस्यीय सीबीआई एसआईटी के गठन का आदेश दिया है.
इंसाफ की कुर्सी बड़ी या ममता की : रत्ना देबनाथ
आरजी कर मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुई दरिंदगी ने पूरे देश को हिला दिया था. रत्ना देबनाथ ने ममता सरकार के दौरान हुई पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठाये. उन्होंने आरोप लगाया कि जब पूरा बंगाल सड़कों पर था, तब तत्कालीन सरकार साक्ष्यों को मिटाने और दोषियों को बचाने में लगी थी. रत्ना ने कहा कि ममता बनर्जी ने अपनी सत्ता बचाने के लिए संवेदनाएं ताक पर रख दी थीं, लेकिन जनता ने उन्हें कुर्सी से हटाकर जवाब दे दिया है. उन्होंने उन हजारों डॉक्टरों का आभार जताया, जिन्होंने उनकी बेटी के लिए देशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया था.
CBI की नयी जांच से बढ़ी हलचल
हाईकोर्ट द्वारा गठित सीबीआई की विशेष जांच टीम (SIT) अब इस बात की जांच करेगी कि घटना के तुरंत बाद आरजी कर अस्पताल में तोड़फोड़ क्यों हुई थी और शव परीक्षण (Post-mortem) की प्रक्रियाओं में क्या खामियां थीं. एसआईटी जल्द ही अस्पताल के तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारियों और कुछ पुलिसकर्मियों से दोबारा पूछताछ कर सकती है, जिससे टीएमसी के कई पुराने नेताओं की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.
Ratna Debnath Meets Suvendu Adhikari: बदले हुए बंगाल का राजनीतिक नैरेटिव
रत्ना देबनाथ का यह बयान केवल एक मां का दर्द नहीं, बल्कि बंगाल के बदले हुए राजनीतिक समीकरण का भी प्रतीक है. बीजेपी अब इस मामले को ‘न्याय बनाम अहंकार’ के रूप में पेश कर रही है. रत्ना देबनाथ, जो खुद अब एक विधायक हैं, का कहना है कि उनकी लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक उनकी बेटी के हत्यारों और साक्ष्य मिटाने वालों को फांसी के फंदे तक नहीं पहुंचाया जाता.
