एचएमसी के संविदाकर्मियों को कम वेतन देने पर उठे सवाल

अपनी शिकायत में उन्होंने कर्मचारियों को सरकारी अधिसूचना के अनुरूप वेतन देने और पिछले वर्षों का बकाया तत्काल जारी करने की मांग की है

निगम आयुक्त, उप-श्रम आयुक्त और प्रधान सचिव को लिखा पत्र

हावड़ा. सामाजिक कार्यकर्ता व आरटीआइ एक्टिविस्ट अमन श्रीवास्तव ने हावड़ा नगर निगम (एचएमसी) के 1,400 संविदा कर्मियों के वेतन में विसंगति पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने मामले की जांच के लिए निगम आयुक्त, उप- श्रम आयुक्त और शहरी व विकास विभाग के प्रधान सचिव को पत्र लिखा है. अमन ने बताया कि निगम में पिछले कई वर्षों से सेवाएं दे रहे इन कर्मचारियों को वर्तमान में मात्र 12,000 से 14,000 तक का वेतन दिया जा रहा है, जो कि पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा एक मार्च 2024 को जारी अधिसूचना में निर्धारित मानकों से काफी कम है. अपनी शिकायत में उन्होंने कर्मचारियों को सरकारी अधिसूचना के अनुरूप वेतन देने और पिछले वर्षों का बकाया तत्काल जारी करने की मांग की है. साथ ही इतने लंबे समय तक उचित वेतन क्यों नहीं दिया गया, इसका जवाब देने कि कहा गया है. उन्होंने कहा कि यह मामला केवल वेतन का नहीं, बल्कि वर्षों से हो रहे शोषण, अन्याय और प्रशासनिक निष्क्रियता से जुड़ा है. उल्लेखनीय है कि अमन श्रीवास्तव उस समय सुर्खियों में आये थे, जब उन्होंने हावड़ा नगर निगम की विभिन्न परियोजनाओं में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर हाइकोर्ट में जनहित याचिका (पीआइएल) दायर की थी. उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, शौचालय निर्माण सहित कई केंद्रीय परियोजनाओं में खर्च के आंकड़ों में अनियमितताओं का आरोप लगाया था.

हाइकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सुजय पाल और न्यायाधीश पार्थ सारथी सेन की डिविजन बेंच ने इस मामले को स्वीकार करते हुए केंद्रीय जांच एजेंसी और राज्य सरकार को छह सप्ताह के भीतर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था.

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Author: GANESH MAHTO

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