कोलकाता.
राज्य के कृषि व संसदीय कार्य मंत्री शोभनदेब चट्टोपाध्याय ने गुरुवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर बिना नाम लिये आरोप लगाया है कि उनके दो करीबी रिश्तेदारों को महत्वपूर्ण पद और लाभकारी नियुक्तियां दिलायी गयी हैं, जिससे निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं. शोभनदेब चट्टोपाध्याय ने गुुरुवार को कहा कि निर्वाचन आयोग एक स्वायत्त संवैधानिक संस्था है और उसका स्वतंत्र व निष्पक्ष होना अनिवार्य है. उन्होंने आरोप लगाया कि जिस व्यक्ति के नेतृत्व में यह संस्था कार्य कर रही है, उसके परिजनों को लाभकारी पद मिले हैं. मंत्री ने कहा कि जो व्यक्ति रिश्वत स्वीकार करता है या अपने सिद्धांतों में लापरवाही लाता है, वह कोई ठोस योगदान नहीं दे सकता.भाजपा ने साधा निशाना : मंत्री के बयान पर बैरकपुर लोकसभा क्षेत्र से पूर्व सांसद व भाजपा के कद्दावर नेता अर्जुन सिंह ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस को एसआइआर से डर लग रहा है, इसलिए इस प्रकार की बयानबाजी कर रहे हैं. उन्होंने मंत्री को चुनौती दी कि यदि आरोप सही हैं, तो वे उच्चतम न्यायालय जाकर उन्हें सिद्ध करें. वहीं, प्रदेश भाजपा के महासचिव महासचिव जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने कहा कि मंत्री के वक्तव्य से स्पष्ट होता है कि तृणमूल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) को लेकर भयभीत है. क्योंकि इससे कई अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची से हट सकते हैं. उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस नेताओं में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के समक्ष अपनी निष्ठा दिखाने की होड़ चल रही है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
