हुगली : खेतों से अदरक जैसे आकार में निकल रहा आलू

जिले में इन दिनों आलू निकालने का काम जोरों पर चल रहा है. किसानों के अनुसार इस साल जिले में आलू की पैदावार अच्छी हुई है, लेकिन सही कीमत न मिलने से वे पहले ही परेशान है

प्रतिनिधि, हुगली.

जिले में इन दिनों आलू निकालने का काम जोरों पर चल रहा है. किसानों के अनुसार इस साल जिले में आलू की पैदावार अच्छी हुई है, लेकिन सही कीमत न मिलने से वे पहले ही परेशान है. अब उनके लिए एक नयी मुसीबत अदरक सरीखे लंबे आकार में फसल ने खड़ी कर दी है.

हुगली के बैंचीग्राम उत्तरपाड़ा इलाके में जब किसान खेत से आलू निकालने लगे, तो देखा कि आलू गोल होने की बजाय अदरक जैसे लंबे आकार के हो गये हैं. कुछ आलू फटे हुए भी हैं, जिससे किसान इन्हें बाजार में बेचने में असमर्थ हैं. किसानों ने बताया कि ये आलू खाने में भी कड़वे हैं, जिससे वे खाने लायक भी नहीं हैं. इस कारण कई किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है.

ठेका लेकर खेती करने वाले किसान भी परेशान : कई किसानों ने दूसरों की जमीन ठेके पर लेकर आलू की खेती की थी, लेकिन जब फसल निकाली गयी, तो वे भी हैरान रह गये. खेती में भारी खर्च होने के बावजूद इस अनोखे आकार के आलू से उनकी लागत भी नहीं निकल पायेगी. किसानों का कहना है कि इससे पहले कभी ऐसी स्थिति नहीं आई थी. आरामबाग क्षेत्र में भी ऐसा ही आलू निकला था, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गयी है.

भागचासी (ठेका लेकर खेती करने वाले) किसान झूमा किस्कू ने बताया, ””””””””हमने पंजाब से बीज खरीदकर आलू की खेती की थी. जब खेत से आलू निकाले, तो ज्यादातर आलू अदरक जैसे लंबे निकले. हालांकि कुछ आलू गोल भी हुए, लेकिन इतनी कम मात्रा में कि नुकसान होना तय है. हमें लगता है कि बीज में किसी तरह की मिलावट की गयी थी, जिससे यह स्थिति बनी है””””””””

उन्होंने आगे कहा, पहले भी हमने आलू की खेती की थी, लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ. डेढ़ बीघा जमीन पर खेती करने में करीब 20 हजार रुपये खर्च हुए हैं, लेकिन अब यह पैसा कैसे निकलेगा, समझ में नहीं आ रहा है. खेत में 10 से 12 बोरी अदरक जैसे लंबे आलू हुए हैं, जो बाजार में नहीं बिक सकते है””””””””.

बीज की गुणवत्ता पर उठे सवाल

एक अन्य किसान, गंगामनी सोरेन ने कहा, ””””””””जब आलू निकाले, तो देखा कि सभी लंबे-लंबे निकले हैं, जिससे पैदावार भी कम हुई है. हमने 1700 रुपये प्रति बोरी बीज खरीदकर एक बीघा जमीन में खेती की थी. बीज खरीदते समय वे अच्छे और छोटे थे. हमने पूरी तरह से खाद, दवा और यूरिया का उपयोग किया, फिर भी फसल इस तरह की निकली है””””””””. किसानों को आशंका है कि जो बीज उन्होंने खरीदे थे, उसमें कुछ गड़बड़ी की गयी थी. अब वे समझ नहीं पा रहे हैं कि इस नुकसान की भरपाई कैसे होगी.

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Published by: Subodh kumar singh

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