विधायक की गिरफ्तारी पर सियासी संग्राम

तृणमूल कांग्रेस विधायक जीवन कृष्ण साहा की एक बार फिर गिरफ्तारी के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति गरमा गयी है.

कोलकाता. तृणमूल कांग्रेस विधायक जीवन कृष्ण साहा की एक बार फिर गिरफ्तारी के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति गरमा गयी है. तृणमूल ने इसे आगामी 2026 विधानसभा चुनावों से पहले प्रतिशोध की राजनीति करार दिया है, जबकि भाजपा का कहना है कि ये गिरफ्तारियां साबित करती हैं कि सत्तारूढ़ दल और भ्रष्टाचार एक ही सिक्के के दो पहलू हैं. तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयप्रकाश मजूमदार ने आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय (इडी) भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है. उन्होंने कहा, ‘‘साहा को पहले भी गिरफ्तार किया गया और महीनों तक हिरासत में रखा गया, लेकिन कुछ साबित नहीं हुआ. अब चुनाव से ठीक पहले फिर गिरफ्तारी की गयी है, जो बदले की राजनीति से प्रेरित है.’’ इस पर भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि कार्रवाई वही सच्चाई उजागर कर रही है, जिसकी शिकायत घोटाले से प्रभावित अभ्यर्थी लंबे समय से कर रहे थे. भाजपा प्रदेश महासचिव जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने कहा, ‘‘तृणमूल और एसएससी घोटाला एक-दूसरे के पर्याय बन चुके हैं. छात्रों का भविष्य बर्बाद करने वालों को सजा मिलनी ही चाहिए.’’ गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में एसएससी भर्ती घोटाला पहले ही बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है और इस मामले में कई हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारियां हो चुकी हैं.

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By AKHILESH KUMAR SINGH

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