मुर्शिदाबाद हिंसा के दौरान कुछ स्थानों पर पुलिस निष्क्रिय व अनुपस्थित थी : समिति

मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ (संशोधन) कानून विरोधी प्रदर्शनों से संबंधित हिंसा के पीड़ितों की पहचान और पुनर्वास के लिए कलकत्ता हाइकोर्ट द्वारा गठित समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि 11 अप्रैल को धुलियान में हुई घटनाओं के दौरान स्थानीय पुलिस ‘निष्क्रिय और अनुपस्थित’ थी.

एजेंसियां, कोलकाता

मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ (संशोधन) कानून विरोधी प्रदर्शनों से संबंधित हिंसा के पीड़ितों की पहचान और पुनर्वास के लिए कलकत्ता हाइकोर्ट द्वारा गठित समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि 11 अप्रैल को धुलियान में हुई घटनाओं के दौरान स्थानीय पुलिस ‘निष्क्रिय और अनुपस्थित’ थी.

इसमें यह भी उल्लेख किया गया है कि मुर्शिदाबाद के धुलियान कस्बे में हमलों का निर्देश एक स्थानीय पार्षद ने दिया था. तीन सदस्यीय समिति द्वारा उच्च न्यायालय को सौंपी गयी रिपोर्ट में कहा गया है कि धुलियान में कपड़ों के एक शोरूम में भी लूटपाट की गयी थी.

‘मुख्य हमला’ 11 अप्रैल की दोपहर को होने का जिक्र करते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि ‘स्थानीय पुलिस पूरी तरह से निष्क्रिय और अनुपस्थित थी.’ समिति में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के रजिस्ट्रार (कानून) जोगिंदर सिंह, पश्चिम बंगाल विधिक सेवा प्राधिकरण (डब्ल्यूबीएलएसए) के सदस्य सचिव सत्य अर्नब घोषाल और डब्ल्यूबीजेएस के रजिस्ट्रार सौगत चक्रवर्ती शामिल हैं.

समिति ने पिछले सप्ताह हाइकोर्ट को अपनी रिपोर्ट सौंपी. न्यायमूर्ति सौमेन सेन और न्यायमूर्ति राजा बसु चौधरी की खंडपीठ ने कहा कि समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ‘राज्य द्वारा अपने नागरिकों के एक वर्ग की सुरक्षा करने में विफलता में सुधार करने का एकमात्र उपाय मूल्यांकन के लिए योग्य विशेषज्ञों की नियुक्ति करना है.’

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By AKHILESH KUMAR SINGH

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