मुख्य बातें
Bengal Elections: अविनाश यादव, दुर्गापुर: चुनाव आयोग की ओर से बेवजह बुलाये गये बूथ लेबल ऑफिसर ( बीएलओ) ने बुधवार को दुर्गापुर डिसीआरसी केंद्र ( डिग्री कॉलेज) के बाहर प्रदर्शन किया. इन लोगों को प्रशिक्षण के लिए समूह केंद्र में बुलाया गया था. बुधवार की सुबह जब बीएलओ केंद्र पर पहुंचे तो वहां की अव्यवस्था देखकर आक्रोशित हो गये. उन्होंने आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. जिससे केंद्र में कुछ देर के लिए तनाव व्याप्त हो गया. प्रशासनिक अधिकारियों के समझाने के बाद मामला शांत हुआ.
प्रशिक्षण का कोई कार्यक्रम ही नहीं था
प्रदर्शन में शामिल बूथ लेवल ऑफिसरों ने बताया कि आयोग की ओर से उन्हें प्रशिक्षण के लिया बुलाया गया था. नोटिस मिलने के बाद बुधवार की सुबह ये लोग केंद्र पर पहुंचे. यहां पहुंचने पर उन्हें पता चला कि उनके लिए कोई प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं है. यह जानकर तमाम बीएलओ आक्रोशित हो गये. उनका कहना था कि उन्हें बेवजह बुलाया गया. गेट पर इस गर्मी में काफी देर तक इंतजार कराया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र में पहुंचने के बाद पानी, बैठने की व्यवस्था और यहां तक कि गाड़ी की एंट्री में परेशानी हुई है.
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चुनाव आयोग ने स्वीकार की गलती
प्रदर्शनकारी बीएलओ जयंती टुडू ने कहा- हमें बुलाया गया था, लेकिन जब हम आए, तो पता चला कि कोई काम नहीं है. इस गर्मी में हमें परेशान किया जा रहा है. यहां पीने का पानी तक नहीं है. गाड़ियों को अंदर नहीं आने दिया जा रहा है. इन सबने हमें बहुत मुश्किल में डाल दिया है. हालांकि बीएलओ के उग्र प्रदर्शन के बाद चुनाव आयोग ने स्वीकार किया कि उन्हें गलती से बुला लिया गया था. सभी बीएलओ को घर लौटने के लिए कहा गया है. सभी को गुरुवार सुबह अब सीधे अपने-अपने पोलिंग स्टेशन जाना है.
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