खास बातें
CAPF Chiefs Meeting Kolkata: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के मतदान से ठीक पहले कोलकाता में एक ‘अभूतपूर्व’ हलचल देखने को मिली. भारत के सभी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के प्रमुखों (Directors General) ने महानगर में उच्चस्तरीय बैठक की. इतिहास में यह पहली बार है, जब किसी चुनावी राज्य में सभी बलों के डीजी एक साथ जमीन पर उतरे. बैठक का एकमात्र उद्देश्य 23 और 29 अप्रैल को होने वाले 2 चरणों के मतदान के दौरान करीब 2 लाख जवानों की तैनाती और सुरक्षा-व्यवस्था को अभेद्य बनाना है.
साल्टलेक में बना ‘इंटिग्रेटेड सुरक्षा ग्रिड’
साल्टलेक स्थित सीआरपीएफ (CRPF) कार्यालय में आयोजित इस लीडरशिप समिट में सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी और एसएसबी के प्रमुखों के साथ पश्चिम बंगाल पुलिस के आला अधिकारी और चुनाव आयोग के पर्यवेक्षक शामिल हुए.
साझा रणनीति और टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर बल
बैठक में तय किया गया कि सभी बल अलग-अलग इकाइयों की बजाय एक ‘यूनाइटेड इलेक्शन फोर्स’ के रूप में काम करेंगे. चुनाव के दौरान उपद्रवियों से निपटने के लिए ‘टेक्नोलॉजी-ड्रिवन’ सुरक्षा ढांचा तैयार किया गया है. इसमें क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) और एंटी-सबोटाज चेक को और भी हाई-टेक बनाया गया है.
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बंगाल के लिए ‘स्पेशल प्लान’
इस बैठक की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि तमिलनाडु में 23 अप्रैल को एक ही चरण में चुनाव है, लेकिन वहां इस तरह की कोई बड़ी बैठक नहीं हुई. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि किसी राज्य में चुनाव ड्यूटी के दौरान सभी बलों के डीजी का एक साथ आना पहले कभी नहीं देखा गया.
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हम लोकतंत्र के संरक्षक : CISF डीजी
सीआईएसएफ (CISF) के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने जवानों को कड़ा संदेश देते हुए कहा- बंगाल में हमारा मिशन रूटीन सुरक्षा से कहीं बढ़कर है. यह मतपत्र की पवित्रता की रक्षा की जिम्मेदारी है. जमीन पर मौजूद हर जवान लोकतंत्र का संरक्षक है. हमारा प्राथमिक उद्देश्य स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराना है, जहां हर नागरिक बिना किसी डर या धमकी के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके.
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CAPF Chiefs Meeting Kolkata: 2 लाख जवानों का पहरा
पहले चरण में 23 अप्रैल को बंगाल की 152 विधानसभा सीटों पर मतदान है. इसके लिए करीब 2 लाख सुरक्षाकर्मी (CAPF, IRB और अन्य राज्यों की पुलिस) तैनात किये गये हैं. ये जवान स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय बिठाकर एक ऐसा सुरक्षा घेरा बनायेंगे, जिसे भेदना उपद्रवियों के लिए नामुमकिन होगा.
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