राष्ट्रीय महिला आयोग ने लगाया आरोप
कोलकाता. राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल पुलिस ने उत्तर 24 परगना जिले में महिलाओं के खिलाफ अपराधों से जुड़े मामलों की जन सुनवाई के लिए स्थान उपलब्ध कराने से एक बार फिर इनकार कर दिया है. आयोग का कहना है कि पुलिस की इस असहयोगपूर्ण भूमिका के कारण अब वह एक दिसंबर को सॉल्टलेक स्थित ईस्टर्न जोनल कल्चरल सेंटर (इजेडसीसी) में स्वयं कार्यक्रम आयोजित करेगा. आयोग की सदस्य अर्चना मजूमदार ने बयान जारी कर कहा कि एनसीडब्ल्यू ने राज्य पुलिस और मुख्य सचिव को कई बार पत्र लिखकर जन-सुनवाई के लिए स्थल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था. उत्तर 24 परगना के 100 से अधिक मामलों पर जन-सुनवाई करने का कार्यक्रम तय है. इसके बावजूद पुलिस ने स्थल उपलब्ध कराने से लगातार इनकार किया.
, जैसा कि पहले भी हुआ था. आयोग ने कहा, “यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि राज्य पुलिस महिलाओं के खिलाफ अपराधों के समाधान में रुचि नहीं रखती.” सुनवाई में पहले से दाखिल शिकायतों के साथ-साथ वॉक-इन शिकायतें भी दर्ज की जायेंगी. आयोग का कहना है कि वह किसी भी तरह से पीड़ित महिलाओं की शिकायतों की अनदेखी नहीं होने देगा.
एनसीडब्ल्यू ने इससे पहले भी पश्चिम बंगाल प्रशासन पर पर्याप्त सहयोग न करने का आरोप लगाया था. विशेषकर यौन उत्पीड़न से जुड़े हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच के दौरान. संदेशखाली प्रकरण की जांच के समय भी आयोग ने राज्य प्रशासन पर सहयोग नहीं करने की शिकायत की थी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
