24 घंटे में 200 से अधिक लोगों ने हेल्पलाइन पर मांगी मदद

साइबर ठगी के बढ़ते ग्राफ को देखते हुए ठगी के शिकार होने से बचाने एवं साइबर ठगी का शिकार होनेवाले पीड़ितों की मदद के लिए कोलकाता पुलिस ने साइबर प्रहरी नामक हेल्पलाइन नंबर 18003450066 मंगलवार को जारी किया.

संवाददाता, कोलकाता

साइबर ठगी के बढ़ते ग्राफ को देखते हुए ठगी के शिकार होने से बचाने एवं साइबर ठगी का शिकार होनेवाले पीड़ितों की मदद के लिए कोलकाता पुलिस ने साइबर प्रहरी नामक हेल्पलाइन नंबर 18003450066 मंगलवार को जारी किया. इस नंबर को जनता की जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है. लालबाजार सूत्र बताते हैं कि हेल्पलाइन नंबर शुरू होने के कुछ ही समय के भीतर 200 से अधिक कॉल उन्हें प्राप्त हो चुके हैं, जो यह दर्शाता है कि डिजिटल ठगी का जाल कितनी तेजी से फैल रहा है.

लालबाजार सूत्र बताते हैं कि इन कॉल्स के विश्लेषण के बाद साइबर अपराध के नौ प्रमुख क्षेत्रों (डॉमिंस) की पहचान की गयी है, जिनसे आम जनता सबसे ज्यादा प्रभावित है.

फोन करनेवाले ने इन तरीकों से ठगी होने की दी जानकारी : लालबाजार सूत्र बताते हैं कि डिजिटल अरेस्ट (पुलिस के नाम पर डराना), जालसाज खुद को विभिन्न पुलिस एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को कॉल कर ””””डिजिटल अरेस्ट”””” की धमकी देकर पैसे वसूले जाने की घटना के बाद पीड़ित अब क्या करें, इस बारे में जानकारी मांगी गयी. कुछ लोगों ने डिवाइस और फोन हैकिंग के बारे में जानकारी देकर कुछ ऐप्स या संदिग्ध लिंक के जरिए फोन और कंप्यूटर का कंट्रोल हासिल कर ठगी करने की जानकारी दी है. वहीं कुछ ने बैंक खाता फ्रीज होने की शिकायत लेकर हेल्पलाइन नंबर पर फोन किये. इन्वेस्टमेंट और लोन फ्रॉड के बारे में जानकारी देकर कुछ कॉलर अधिक मुनाफे के लालच में आकर निवेश कर ठगी के शिकार होने के बाद फोन किये. कुछ कॉलरों ने होटल बुकिंग वेबसाइट के जरिये धोखाधड़ी की शिकार होने के बाद अब क्या करें, इसकी जानकारी ली. कुछ कॉलरों ने सोशल मीडिया में सस्ती कीमत में शॉपिंग के नाम पर ठगी का शिकार होकर ठगी की राशि को वापस पाने की प्रक्रिया क्या है, इस बारे में जानकारी ली.

इन सभी के बीच कुछ युवाओं ने फेसबुक एवं इंस्टाग्राम पर आकर्षक विज्ञापनों और फर्जी शॉपिंग लिंक्स के जाल में फंसकर ठगी के शिकार होने के बाद आगे की कार्रवाई को लेकर फोन की. कुछ लोगों ने अपने 5-6 साल पुराने मामलों में अपनी फंसी हुई राशि की रिकवरी के लिए भी फोन किये.

अधिकारियों ने बताया कि सिर्फ कोलकाता ही नहीं पूरे बंगाल के विभिन्न इलाकों से लोग फोन कर अपने अधिकार क्षेत्र से संबंधित सवालों का जवाब हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर जाना. लोग बंगाल में विभिन्न इलाकों के साइबर सेल और थानों के संपर्क नंबरों की जानकारी मांगी.

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