बंगीय हिंदू सेना के सांगठनिक जिला अध्यक्ष को जान से मारने की धमकी

बैठक का समय नहीं मिला, तो बांग्लादेशी उप-उच्चायोग का संचालन नहीं होने दूंगाबोले शुभेंदु अधिकारी

बैरकपुर. बंगीय हिंदू सेना के बैरकपुर सांगठनिक जिला अध्यक्ष सुमन बनर्जी को सोमवार रात धमकी देने का मामला सामने आया है. जानकारी के मुताबिक, बैरकपुर के मनीरामपुर इलाके में उनके घर पर सोमवार रात कुछ बदमाशों ने जाकर उन्हें जान से मारने की धमकी दी. घटना को लेकर पीड़ित डरे हुए है. पीड़ित सुमन बनर्जी ने पूरे मामले में बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट में लिखित शिकायत दर्ज करायी है. उन्होंने बताया कि सोमवार रात दो बदमाश उनके घर आये और उन्हें जान से मारने की धमकी दी. इसे लेकर उन्होंने बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट में लिखित शिकायत की है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

बैठक का समय नहीं मिला, तो बांग्लादेशी उप-उच्चायोग का संचालन नहीं होने दूंगा

बोले शुभेंदु अधिकारी

अल्पसंख्यकों पर हमलों को लेकर मुलाकात की मांगकोलकाता. विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को चेतावनी दी कि यदि कोलकाता में बांग्लादेश के उप-उच्चायुक्त के साथ बैठक के लिए उन्हें समय नहीं दिया गया, तो वह बांग्लादेश के उप-उच्चायोग को सुचारू रूप से संचालित नहीं होने देंगे. शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि वह बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे कथित हमलों को लेकर गंभीर रूप से चिंतित हैं और इसी विषय पर चर्चा के लिए उन्होंने उप-उच्चायुक्त से मुलाकात का समय मांगा है. उन्होंने कहा, “मैं बैठक में अकेला जाऊंगा. लेकिन अगर मुलाकात का समय नहीं दिया गया, तो 26 दिसंबर से बड़े पैमाने पर लोगों को एकत्र किया जायेगा. हम भारत में उप-उच्चायोग को सुचारू रूप से काम नहीं करने देंगे.” यह बयान उन्होंने हिंदू हुंकार पदयात्रा का नेतृत्व करने के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में दिया. यह पदयात्रा पार्क सर्कस इलाके में बांग्लादेश उप-उच्चायोग की ओर बढ़ रही थी, जिसे पुलिस ने बीच रास्ते में रोक दिया. इसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गयी. शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया, “आज कोलकाता में जो कुछ हुआ, वह दर्शाता है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस में कोई अंतर नहीं है.” भाजपा नेता ने दावा किया कि पुलिस कार्रवाई में कई प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं और एक घायल महिला को आपातकालीन चिकित्सा के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा. उन्होंने आरोप लगाया, “बर्बर पुलिस हमले में संतों सहित निहत्थे प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाया गया. ” वहीं, पुलिस का कहना है कि उप-उच्चायोग के पास प्रदर्शनकारियों को बैरिकेड तोड़ने से रोकने और कानून-व्यवस्था बनाये रखने के लिए आवश्यकतानुसार बल प्रयोग किया गया.

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Author: SANDIP TIWARI

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