गणना फॉर्म देने व संग्रह का काम लगभग पूरा : आयोग

राज्य में एसआइआर प्रकिया अब अंतिम चरण में है. चुनाव आयोग ने फॉर्म देने और संग्रह करने का अंतिम दिन 11 दिसंबर को तय किया है. अब इसमें महज पांच दिन ही बचे हैं. शनिवार को चुनाव आयोग से मिली जानकारी के अनुसार, राज्य में गणना फॉर्म देने और संग्रह करने का काम लगभग पूरा हो गया है.

कोलकाता.

राज्य में एसआइआर प्रकिया अब अंतिम चरण में है. चुनाव आयोग ने फॉर्म देने और संग्रह करने का अंतिम दिन 11 दिसंबर को तय किया है. अब इसमें महज पांच दिन ही बचे हैं. शनिवार को चुनाव आयोग से मिली जानकारी के अनुसार, राज्य में गणना फॉर्म देने और संग्रह करने का काम लगभग पूरा हो गया है. सिर्फ 20,000 फॉर्म बांटे जाने का काम बाकी हैं. वहीं, 0.57 फीसदी फॉर्म डिजिटाइज होने बाकी हैं. वहीं आयोग ने बताया कि इस मामले में उत्तर प्रदेश देश के बाकी राज्यों से पीछे है.

पश्चिम बंगाल के अलावा देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआइआर का काम चल रहा है. इसका पहला फेज यानी गणना फॉर्म चुनाव आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दिये गये हैं. इसके लिए 11 दिसंबर तक का समय दिया गया है. आखिरी फेज में गिनती के फॉर्म बांटने, जमा करने और डिजिटाइज करने का काम जोरों पर चल रहा है. शनिवार दोपहर को चुनाव आयोग ने आंकड़े जारी करते हुए बताया कि अब तक देश में कुल 50 करोड़ 93 लाख से ज्यादा फॉर्म बांटे जा चुके हैं. 49 करोड़ फॉर्म डिजिटाइज हो चुके हैं. पश्चिम बंगाल में अब तक 99.97 फीसदी यानी 7,66,16,840 फॉर्म बांटे गये हैं, जबकि 7,61,96,871 फॉर्म (99.43 फीसदी) डिजिटाइज हो चुके हैं. राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 7,66,37,529 है. इस हिसाब से 20,000 मतदाताओं को अभी तक गणना फॉर्म नहीं मिले हैं. वहीं, लक्षद्वीप, राजस्थान, गोवा और अंडमान निकोबार में 100 फसीदी गणना फॉर्म बांटे जा चुके हैं. लक्षद्वीप और राजस्थान में 100 फीसदी फॉर्म डिजिटाइज हो चुका है. केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी, मध्य प्रदेश, गुजरात, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश में 99 फीसदी से ज्यादा फॉर्म बांटे जा चुके हैं. इस मामले में उत्तर प्रदेश पीछे है. वहां 94.04 फीसद फॉर्म डिजिटाइज हुए हैं.

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By BIJAY KUMAR

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