राज्य के सभी नगर निकायों में अनिवार्य होगा ऑनलाइन अटेंडेंस

सूडा दिसंबर में लॉन्च करेगा जियो-टैग आधारित नया ऐप

कोलकाता. राज्यभर के नगर निकायों में कर्मचारियों की लेटलतीफी और अनियमित उपस्थिति पर लगाम कसने के लिए अब ऑनलाइन अटेंडेंस सिस्टम अनिवार्य किया जा सकता है. इसके लिए स्टेट अर्बन डेवलपमेंट एजेंसी (सूडा) एक विशेष मोबाइल ऐप तैयार कर रही है, जिसे दिसंबर में लॉन्च करने की योजना है. नये सिस्टम के तहत सभी नगर निकाय कर्मचारियों और अधिकारियों को ऑफिस पहुंचकर जियो-टैगिंग के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करनी होगी. इसका मतलब है कि अब कोई भी कर्मचारी घर से या किसी अन्य स्थान से लॉग-इन कर उपस्थिति नहीं दर्ज कर सकेगा. सूडा ने हाल ही में राज्य के विभिन्न नगर निगमों और नगर पालिकाओं के अधिकारियों के साथ बैठक कर इस नयी व्यवस्था के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की है. सूत्रों के अनुसार, ऐप शुरू करने से पहले प्रत्येक कर्मचारी का व्यक्तिगत विवरण एकत्र कर ऑनलाइन अपलोड किया जा रहा है. कई नगर निकायों में यह प्रक्रिया जारी है. फिलहाल कोलकाता नगर निगम, विधाननगर और कुछ अन्य निकायों में यह व्यवस्था आंशिक रूप से लागू है, लेकिन पहली बार पूरे राज्य में इसे सेंट्रलाइज्ड अटेंडेंस सिस्टम के रूप में लागू किया जायेगा. नयी व्यवस्था नगर निकायों के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर, इंजीनियर, दफ्तर के कर्मचारियों और अन्य अधिकारियों पर भी समान रूप से लागू होगी. कई नगर पालिकाओं में कर्मचारियों के देर से आने, मनमानी समय पर ऑफिस छोड़ने और अटेंडेंस अनियमित रहने की शिकायतें लंबे समय से मिल रही थीं. प्रशासन का मानना है कि नये ऐप के जरिये जियो-टैग आधारित लोकेशन वेरिफिकेशन से ट्रांसपेरेंसी बढ़ेगी और कार्यक्षमता में सुधार आयेगा. सूडा ने बताया कि परियोजना को दिसंबर तक पूरे राज्य में लागू करने का लक्ष्य है. प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से नगर निकायों के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही में महत्वपूर्ण सुधार होगा.

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By GANESH MAHTO

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