बचाव अभियान के तहत बचा लिये गये 16 मछुआरे
अन्य घटना में नेपाल से आये एक मछुआरे की भी हो गयी मौत
संवाददाता, कोलकाता.
दक्षिण 24 परगना जिले के बक्खाली तट के पास मंगलवार देर रात एक ट्रॉलर डूबने की घटना में एक मछुआरे की मौत हो गयी, जबकि एक अन्य अब भी लापता है. प्रशासन और स्थानीय मछुआरे संयुक्त रूप से लापता मछुआरे की तलाश कर रहे हैं. बचाव अभियान में 16 मछुआरे बचाये गये हैं.
सूत्रों के अनुसार, मंगलवार को हरिपुर के लालगंज इलाके से 23 मछुआरों को लेकर तीन ट्रॉलर गहरे समुद्र में मछली पकड़ने के लिए रवाना हुए थे. देर रात वे बक्खाली तट से लगभग 35 किलोमीटर दूर बंगाल की खाड़ी के एक हिस्से में पहुंचे. बताया गया है कि वह क्षेत्र अपेक्षाकृत उथला था और कुछ मछुआरे वहां जाल डालने का काम कर रहे थे. लेकिन ज्वार आने पर गहराई बढ़ गयी और ‘मंगलचंडी’ नामक ट्रॉलर अचानक डूब गया, जिसमें 18 मछुआरे सवार थे. घटना के बाद अन्य मछुआरों द्वारा चलाये गये बचाव अभियान में 16 मछुआरों को किसी तरह दूसरे ट्रॉलर पर चढ़ाकर उनकी जान बचायी गयी. बुधवार की सुबह 37 वर्षीय कमल जाना नामक मछुआरे का शव बरामद किया गया. वह फ्रेजरगंज कोस्टल थाना क्षेत्र के विजयबाटी इलाके का निवासी था. वहीं, देवनाथ कर (27) नामक मछुआरे की तलाश अब भी जारी है. डूबे हुए ट्रॉलर को खींचकर किनारे लाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि यह देखा जा सके कि कोई अंदर फंसा तो नहीं है. प्रशासन की ओर से बताया गया कि बचाये गये 16 मछुआरों को तट पर लाकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया. इसी बीच, एक अन्य घटना में नामखाना क्षेत्र में नेपाल से आये मछुआरे की डूबकर मौत हो गयी. मृतक की पहचान विशाल तिमसिना (30) के रूप में हुई है, जो नेपाल के टीचराम क्षेत्र का रहने वाला था और यहां मछुआरे के रूप में कार्यरत था.
जानकारी के अनुसार, ‘एफबी भद्रकाली’ नामक ट्रॉलर पर चढ़ने के लिए वह मंगलवार को हाथानिया-दोआनिया नदी में उतरा था, क्योंकि उस समय घाट पर कोई नाव उपलब्ध नहीं थी. नदी में तेज बहाव के कारण वह गहरे पानी में बहकर डूब गया. उसके एक साथी ने तैरकर अपनी जान बचा ली. बुधवार को विशाल का शव नदी से बरामद किया गया. शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है.
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