श्मशान घाटों में वीआइपी के लिए कोई कोटा निर्धारित नहीं : डिप्टी मेयर

महानगर के श्मशान घाटों में शवों के दाह संस्कार के लिए वीआइपी आरक्षण नहीं है. क्योंकि निगम के किसी भी कानून में शवों के अंतिम संस्कार किये जाने को लेकर ऐसी कोई व्यवस्था का उल्लेख नहीं है.

शव दाह के लिए केवल मेयर या उप मेयर, मेयर परिषद के सदस्य सह निगम के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी को सिफारिश का अधिकार

संवाददाता, कोलकाता

महानगर के श्मशान घाटों में शवों के दाह संस्कार के लिए वीआइपी आरक्षण नहीं है. क्योंकि निगम के किसी भी कानून में शवों के अंतिम संस्कार किये जाने को लेकर ऐसी कोई व्यवस्था का उल्लेख नहीं है. यह बातें कोलकाता के डिप्टी मेयर और कोलकाता नगर निगम के मेयर परिषद के सदस्य अतिन घोष ने कही. वह निगम के मासिक अधिवेशन में वार्ड संख्या 17 के तृणमूल पार्षद मोहन कुमार गुप्ता द्वारा सदन में रखे गये एक प्रस्ताव पर बोल रहे थे. तृणमूल पार्षद श्री गुप्ता ने अपने प्रस्ताव के जरिए सदन में यह मांग रखी कि निगम श्मशान घाटों पर शवों के अंतिम संस्कार के लिए पार्षदों के वीआइपी व्यवस्था लागू थी. वर्तमान में यह व्यवस्था पार्षदों के लिए उपलब्ध नहीं है. इसके परिणामस्वरूप निगम के पार्षदों को कई मामलों में शर्मिंदगी का सामना करना पड़ रहा है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यदि कोलकाता नगर निगम अंतिम संस्कार के लिए जन प्रतिनिधियों को सीमित संख्या में वीआइपी सुविधाएं प्रदान करता है, तो यह जनता की जरूरतों के लिए उपयोगी साबित होगा.इस व्यवस्था को दोबारा बहाल करने की मांग की बात को सुनकर निगम की चेयरपर्सन माला राय ने कहा, वह खुद श्मशान घाटों पर वीआइपी कल्चर की विरोधी हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें अपने पिता के अंतिम संस्कार के लिए सात घंटे लाइन में लगना पड़ा था. इसके लिए उन्होंने कोई शिकायत नहीं की क्योंकि उन्हें पता था कि इस अंतिम क्षण में ही वह पिता के साथ रह पायेंगी. उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के लागू रहने के दौरान उन्होंने कुछ श्मशान घाटों पर वीआइपी शवदाह गृह के बाहर आरक्षण में लंबी कतारें दिखी हैं. जबकि, दूसरी ओर सामान्य शवदाह गृह के लिए भीड़ नहीं थीं. उधर, डिप्टी मेयर ने कहा कि शव के अंतिम संस्कार के लिए यहां कोई कोटा या बुकिंग प्रणाली नहीं है. किसी प्रख्यात या लोकप्रिय व्यक्ति के निधन पर भीड़भाड़ से बचने के लिए विशेष वीआइपी शवदाह गृह में अंतिम संस्कार किया जाता है. इसके अलावा कई मामलों में पुलिस केस या दुर्घटना से मारे गये लोगों का पोस्टमार्टम किया जाता है. ऐसे मामलों में शव सड़ने लगता है. इसलिए ऐसे मामलों में शव का शीघ्र अंतिम संस्कार करने के लिए कतार में ना रख कर सीधे वीआइपी शवदाह गृह में अंतिम संस्कार कर दिया जाता है. इसके लिए निगम के श्मशान घाटों में करीब दो विद्युत शवदाह गृह हैं.

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Published by: Akhilesh kumar singh

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