हड़ताल पर जा सकते हैं देशभर के राशन डीलर
राशन डीलरों ने देशव्यापी हड़ताल करने की चेतावनी दी है. यह चेतावनी केंद्र सरकार की नीति के खिलाफ दी गयी है. एक अप्रैल को राशन डीलरों ने नयी दिल्ली अभियान करने का फैसला भी लिया है. वह राशन व्यवस्था में परिवर्तन को लेकर बात करेंगे.
कोलकाता.
राशन डीलरों ने देशव्यापी हड़ताल करने की चेतावनी दी है. यह चेतावनी केंद्र सरकार की नीति के खिलाफ दी गयी है. एक अप्रैल को राशन डीलरों ने नयी दिल्ली अभियान करने का फैसला भी लिया है. वह राशन व्यवस्था में परिवर्तन को लेकर बात करेंगे. गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने पहले आधार कार्ड के साथ राशन कार्ड को लिंक करने का फैसला लिया है. इसके बाद मोबाइल व बैंक अकाउंट के साथ भी लिंक करना होगा. गत 28 फरवरी को केंद्रीय खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने देश के सभी राज्यों के खाद्य सचिवों के साथ बैठक की थी. बैठक में यह फैसला लिया गया कि राशन कार्ड को आधार कार्ड, मोबाइल व बैंक अकाउंट से लिंक करना होगा. सब्सिडी की राशि ग्राहकों के बैंक अकाउंट में भेजने की योजना बनायी जा रही है. केंद्र व राज्य की अलग-अलग व्यवस्था के कारण यह फैसला लिया जा रहा है. केंद्र सरकार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना व राज्य सरकार खाद्य साथी परियोजना के तहत राशन प्रदान करती है. अब खुले बाजार की तरह राशन कैश में लेना होगा. बाद में सब्सिडी की राशि बैंक अकाउंट में जमा होगी.अखिल भारतीय फेयर प्राइस शॉप डीलर्स एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र सहित पुडुचेरी, लक्ष्यद्वीप व चंडीगढ़ में गरीबों के लिए इस स्कीम के चालू होने से वहां राशन व्यवस्था ही खत्म हो गयी है. पूरे देश से इसे खत्म करने की साजिश की जा रही है. इसके खिलाफ राशन डीलर्स एक अप्रैल को राजधानी में संसद अभियान करेगा. इसके साथ ही प्रधानमंत्री, केंद्रीय वित्त मंत्री, केंद्रीय खाद्य मंत्री के आवास का घेराव करने का भी फैसला लिया गया है. इसके बाद भी अगर उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो बेमियादी राशन हड़ताल शुरू की जायेगी.
क्या है राशन डीलरों का आरोप
राशन डीलरों का कहना है कि यदि केंद्र सरकार की ओर से यह नया स्कीम शुरू होता है, तो राशन व्यवस्था की जरूरत ही नहीं रहेगी. खुले बाजार की तरह लोग राशन लेंगे और सब्सिडी का रुपया बैंक में जायेगा. ऐसे में राशन डीलरों का अस्तित्व ही क्या रहेगा. इससे तो पूरी व्यवस्था ही ध्वस्त हो जायेगी.
बंगाल में हैं 20268 राशन डीलर्स
एसोसिएशन के महासचिव विश्वंभर बसु ने कहा कि पूरे देश में लगभग छह लाख राशन डीलर्स हैं. बंगाल में राशन डीलरों की संख्या 20268 है. नयी व्यवस्था से केवल राशन डीलर ही नहीं, किसान भी बुरी तरह से प्रभावित होंगे, इसलिए आंदोलन शुरू करने का फैसला लिया गया है.
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