प्राथमिक स्कूलों को स्वीकृत की गयी समग्र अनुदान राशि

प्राथमिक विद्यालयों को चाक, डस्टर और छुटपुट सामान खरीदने के लिए धन दिया जाता है. यह राशि ‘समग्र अनुदान’ राशि के रूप में दी जाता है. इस बार स्कूलों के लिए ‘समग्र अनुदान’ राशि’ स्वीकृत कर दी गयी है, लेकिन इसका केवल आधा ही खर्च किया गया है. इसे लेकर शिक्षकों के बीच कई सवाल उठ रहे हैं.

कोलकाता.

प्राथमिक विद्यालयों को चाक, डस्टर और छुटपुट सामान खरीदने के लिए धन दिया जाता है. यह राशि ‘समग्र अनुदान’ राशि के रूप में दी जाता है. इस बार स्कूलों के लिए ‘समग्र अनुदान’ राशि’ स्वीकृत कर दी गयी है, लेकिन इसका केवल आधा ही खर्च किया गया है. इसे लेकर शिक्षकों के बीच कई सवाल उठ रहे हैं.

पश्चिम बंगाल समग्र शिक्षा मिशन ने राज्य के प्राथमिक विद्यालयों और बाल संरक्षण केंद्रों (एमएसके) को ‘समग्र अनुदान’ प्रदान करने का आदेश दिया है. हालांकि, प्राथमिक विद्यालयों को आधी राशि दी गयी है. नियमों के अनुसार, यदि एक से 30 छात्र हैं तो यह राशि 10,000 रुपये होगी. वहीं अगर 31 से 100 छात्र हैं तो यह 25,000 रुपये और 101 से 250 छात्र हैं तो यह 50,000 रुपये दिये जायेंगे. अगर 251 से 1,000 बच्चे हैं तो उन्हें 75,000 रुपये दिये जायेंगे लेकिन सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, आधी राशि ही फिलहाल दी गयी है. शिक्षक समुदाय के एक वर्ग ने इस अनुदान के वितरण पर सवाल उठाये हैं. उनका कहना है कि समग्र अनुदान राशि समय पर मिलने से स्कूलों को काफी सुविधा होती है लेकिन इसमें अभी काफी धीमी प्रक्रिया से काम चल रहा है. स्कूल शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार इसके बाद भी ‘कंपोजिट ग्रांट’ का बचा हुआ हिस्सा फिर दिया जा सकता है.

गौरतलब है कि पिछले वर्ष राज्य के कई स्कूलों ने शिकायत की थी कि ‘संयुक्त अनुदान’ अनियमित है. उनका कहना है कि कई स्कूल संचालन के लिए समग्र अनुदान पर निर्भर हैं. उन्हें समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि उन्हें यह पैसा समय पर नहीं मिल रहा है. यह धनराशि समय पर आवंटित करने की मांग की गयी है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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