मुख्य बातें
Manoj Agarwal on DA: कोलकाता: महंगाई भत्ता (डीए) से संबंधित AI से बने एक परिपत्र के वायरल होने पर पश्चिम बंगाल सरकार ने संज्ञान लिया है. मुख्य सचिव मनोज पंथ के फर्जी हस्ताक्षरवाले इस परिपत्र पर सरकार कार्रवाई की है. इस मामले में मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल (मनोज पंथ) ने खुद सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को सचेत किया है. उन्होंने कहा है कि उन्हें पता चला है कि सोमवार से सोशल मीडिया पर एक परिपत्र वायरल हो रहा है, जिसमें मुख्य सचिव के नाम और हस्ताक्षर का इस्तेमाल किया गया है.
सरकार ने की कार्रवाई
फर्जी अधिसूचना में दावा किया गया था कि सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 1 जुलाई से 22 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी. इसके बाद इसे मुख्य सचिव के नाम से फेसबुक और व्हाट्सएप समेत विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैला दिया गया. इसके बाद मनोज अग्रवाल ने कार्रवाई की. सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक नई अधिसूचना जारी की गई. इसमें कहा गया कि किसी भी ऐसे निर्देश पर विश्वास न करें जो सरकारी आदेश के रूप में वायरल हो रहा हो.
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अधिसूचना पर दर्ज है ‘एआई जनरेटेड’
परिपत्र में व्यंग्यपूर्वक यह भी कहा गया है कि मुख्य सचिव के पास महंगाई भत्ते में इतनी बड़ी वृद्धि को मंजूरी देने की ‘अलौकिक शक्तियां’ नहीं हैं. यह भी कहा गया है कि 22 जून को राज्य बजट पेश होने तक महंगाई भत्ते से संबंधित किसी भी घोषणा को सरकारी आदेश नहीं माना जाना चाहिए. हालांकि, वायरल हुए दस्तावेज़ पर ‘एआई जनरेटेड’ लिखा हुआ था. इसी वजह से इसकी प्रामाणिकता पर सवाल उठ रहे हैं. नतीजतन, इस दस्तावेज़ को सरकारी दिशा-निर्देश नहीं, बल्कि व्यंग्यात्मक या कृत्रिम रूप से निर्मित संदेश माना जा रहा है.
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