मनसुख मांडविया के बयान से राजनीति गरमायी

तृणमूल कांग्रेस ने इसे बंगाल की विरासत और गौरव का अपमान बताते हुए भाजपा पर बंगाल विरोधी मानसिकता का आरोप लगाया है.

By GANESH MAHTO | January 8, 2026 1:18 AM

केंद्रीय खेल मंत्री की टिप्पणी पर तृणमूल का तीखा हमला, बंगाल की विरासत के अपमान का आरोप

कोलकाता. बंगाल के प्रतिष्ठित फुटबॉल क्लब मोहन बागान और ईस्ट बंगाल के नामों के उच्चारण को लेकर केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया के बयान पर राज्य की राजनीति गरमा गयी है. तृणमूल कांग्रेस ने इसे बंगाल की विरासत और गौरव का अपमान बताते हुए भाजपा पर बंगाल विरोधी मानसिकता का आरोप लगाया है.

प्रधानमंत्री को भी सलाह

तृणमूल ने कहा कि फुटबॉल बंगाल की रगों में बहता है और यहां के लोग इसे जीवन का हिस्सा मानते हैं, जिसे बाहरी मानसिकता वाले लोग कभी समझ नहीं सकते. पार्टी ने प्रधानमंत्री के आगामी बंगाल दौरे से पहले उन्हें बुनियादी बंगाली सीखने की सलाह भी दी.

सांसद सागरिका घोष की प्रतिक्रिया

तृणमूल सांसद सागरिका घोष ने केंद्रीय खेल मंत्री के बयान को शर्मनाक करार देते हुए कहा कि भाजपा बंगाल में जीत का सपना देख रही है, लेकिन इस तरह की टिप्पणियां उसकी वास्तविक सोच को उजागर करती हैं.

तृणमूल नेताओं का कड़ा प्रतिवाद

तृणमूल नेता तन्मय घोष ने कहा कि मोहन बागान वह क्लब है जिसने ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष का इतिहास रचा है, जबकि ईस्ट बंगाल बंगाल की अस्मिता का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि इन संस्थानों का अपमान बंगाल की ऐतिहासिक विरासत का अपमान है. तन्मय घोष ने आरोप लगाया कि केंद्रीय खेल मंत्री न केवल बंगाल के खेल इतिहास से अनजान हैं, बल्कि राज्य के समग्र इतिहास की भी उन्हें जानकारी नहीं है.

मीडिया सेल का बयान

तृणमूल के आधिकारिक मीडिया सेल ने कहा कि केंद्रीय खेल मंत्री बंगाल के सदी पुराने फुटबॉल क्लबों के नाम तक सम्मानपूर्वक नहीं ले सके. बयान में स्पष्ट किया गया कि यह ‘मोहन बैंगन’ या ‘ईस्ट बैंगन’ नहीं, बल्कि मोहन बागान और ईस्ट बंगाल हैं. पार्टी ने आरोप लगाया कि बंगाल विरोधी ताकतें इन ऐतिहासिक संस्थानों को तिरस्कार की नजर से देखती हैं.

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