कोलकाता. राज्य की वर्तमान स्थिति की 1905 के ‘बंग भंग’ से तुलना करते हुए भाजपा ने शनिवार को आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) को रोकने व बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों को बचाने के लिए हिंसा भड़का कर राज्य को भारत से अलग करने की कोशिश कर रही हैं. पार्टी ने राज्य की जनता से जागृत होकर इसके विरुद्ध एकजुट होने का आह्वान किया. ब्रिटिश ने 1905 में बंगाल का विभाजन करने का प्रयास किया था, जिसे बंग भंग के नाम से जाना जाता है. भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने यहां पार्टी मुख्यालय में प्रेस वार्ता में कहा : एक हैं, तो सेफ हैं. उन्होंने कहा कि कुछ समूहों को खुश करने के लिए अंग्रेजों ने बंगाल को विभाजित करने की कोशिश की थी. उन्होंने दावा किया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस के तहत पश्चिम बंगाल में भी ऐसी ही स्थिति है. उन्होंने मुख्यमंत्री पर बंगाल को बांग्लादेश में बदलने की कोशिश करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए, कभी-कभी तो ऐसा लगता है मानो बंगाल भारत का एक अलग हिस्सा हो. क्या बंगाल भारत से दूर है? क्या बंगाल अब भी भारत का हिस्सा है? भाजपा सांसद ने कहा कि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी ने जिस तरह की शासन प्रणाली स्थापित की है, उसने राज्य में आज ऐसी स्थिति पैदा कर दी है, जो 1905 में अंग्रेजों द्वारा बंगाल को विभाजित करने के नापाक प्रयास ””बंग भंग”” के समान है. अंग्रेज भी कुछ समूहों को प्रसन्न करना चाहते थे और इसलिए उन्होंने बंगाल को दो भागों में बांटना चाहा था. पात्रा ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी बांग्लादेशियों और रोहिंग्या घुसपैठियों को बचाने के लिए हिंसा के माध्यम से पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के एसआइआर को असंवैधानिक तरीके से रोकने की कोशिश कर रही हैं. उन्होंने कहा : मुर्शिदाबाद में इस समय हिंसा हो रही है. राष्ट्रीय राजमार्ग-12 अवरुद्ध है और सभी रेल सेवाएं निलंबित हैं. ट्रेनें जलायी जा रही हैं और ममता बनर्जी इसे अल्पसंख्यकों के गुस्से के कारण हो रही हिंसा बता कर उचित ठहरा रही हैं. उन्होंने कहा : वहां चुनाव अधिकारी सुरक्षित नहीं हैं. वे आत्महत्या कर रहे हैं, तृणमूल कार्यकर्ताओं के अत्यधिक दबाव के आगे घुटने टेक रहे हैं. संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी और उनकी सरकार पश्चिम बंगाल समेत देश की सभी संवैधानिक प्रक्रियाओं पर हमला कर रही हैं. पात्रा ने कहा कि अवैध घुसपैठ के कारण कई जिलों की जनसांख्यिकी में बदलाव आया है. उन्होंने ममता बनर्जी पर तुष्टीकरण की राजनीति की नींव पर बंगाल को विभाजित करने का प्रयास करने का आरोप लगाया. पात्रा ने पश्चिम बंगाल की जनता से इस तरह के कदम के खिलाफ जागने और एकजुट होने का आह्वान भी किया.
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