बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर, मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट, होगी भारी से बहुत भारी वर्षा

WB Weather Update 16 July: बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण पश्चिम बंगाल में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गयी है. मौसम विभाग ने दक्षिण बंगाल के कई जिलों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. वज्रपात और तेज हवाओं के साथ मूसलाधार वर्षा की संभावना है.

WB Weather Update: उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे ओडिशा-पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में एक कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बन चुका है. इसके प्रभाव से बृहस्पतिवार (16 जुलाई) को पूरे पश्चिम बंगाल में मानसून का रौद्र रूप देखने को मिल सकता है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने दक्षिण बंगाल के कई जिलों में मूसलाधार वर्षा और तेज हवाओं की चेतावनी दी है. आइए जानते हैं 16 जुलाई को आपके जिले में कैसा रहेगा मौसम.

दक्षिण बंगाल के कई जिलों के लिए रेड/ऑरेंज अलर्ट

दक्षिण बंगाल के लगभग सभी जिलों में 16 जुलाई को अधिकांश स्थानों पर हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है. लेकिन कुछ जिलों के लिए भारी आफत की चेतावनी है.

इन जिलों में हो सकती है 70 से 200 मिमी वर्षा

  1. पूर्व मेदिनीपुर
  2. पश्चिम मेदिनीपुर
  3. झारग्राम
  4. बांकुड़ा
  5. पुरुलिया

इन जिलों में 70 से 110 मिमी वर्षा की चेतावनी

  1. कोलकाता
  2. हावड़ा
  3. हुगली
  4. उत्तर 24 परगना
  5. दक्षिण 24 परगना

तेज आंधी और वज्रपात की चेतावनी

  1. पूर्व मेदिनीपुर
  2. पश्चिम मेदिनीपुर
  3. उत्तर 24 परगना
  4. दक्षिण 24 परगना

मौसम विभाग ने कहा है कि दक्षिण बंगाल के शेष जिलों में वज्रपात के साथ 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकतीं हैं.

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पहाड़ी क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश, वज्रपात का अलर्ट

मौसम विभाग ने कहा है कि उत्तर बंगाल के अधिकांश जिलों में भी 16 जुलाई को मानसून सक्रिय रहेगा. पहाड़ी जिलों यानी दार्जिलिंग (Darjeeling) और कलिम्पोंग (Kalimpong) में एक या दो स्थानों पर भारी वर्षा होने की प्रबल संभावना है. उत्तर बंगाल के सभी जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने (Thunderstorm & Lightning) की भी चेतावनी जारी की गयी है.

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वर्षा का क्या होगा असर

मौसम विभाग ने भारी बारिश और आंधी-तूफान के कारण निम्नलिखित समस्याओं की आशंका जतायी है.

  • जलभराव : कोलकाता और अन्य शहरी इलाकों के निचले क्षेत्रों व अंडरपास सड़कों पर अस्थायी रूप से पानी जमा हो सकता है.
  • कृषि को नुकसान : तेज हवा और भारी बारिश से खड़ी फसलों और बागवानी को नुकसान पहुंचने की आशंका है.
  • वज्रपात का खतरा : खुले मैदानों में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं.

सुरक्षा निर्देश और एडवाइजरी

  • वज्रपात या आंधी के दौरान सुरक्षित पक्के मकान या शेल्टर में शरण लें.
  • भूलकर भी पेड़ों, बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों.
  • जल स्रोतों से दूरी बनाकर रखें.
  • जलभराव वाले क्षेत्रों में यातायात में सावधानी बरतें.


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लेखक के बारे में

Published by: Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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