वामपंथी नेता समीर पुततुंडू का निधन, सीएम ने जताया शोक
वामपंथी नेता समीर पुततुंडू का रविवार की रात कोलकाता के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया.
संवाददाता, कोलकाता
वामपंथी नेता समीर पुततुंडू का रविवार की रात कोलकाता के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया. पुततुंडू 74 वर्ष के थे और उनके परिवार में पत्नी अनुराधा हैं. वह काफी समय से अस्वस्थ थे और रविवार रात करीब 11:15 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली. यह जानकारी मुकुंदपुर में स्थित निजी अस्पताल के एक अधिकारी ने दी, जहां वह भर्ती थे. बंगाल में वाम आंदोलन के एक प्रमुख चेहरा रहे पुततुंडू मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के प्रभावशाली नेता थे. बाद में वैचारिक मतभेदों के चलते उन्होंने सैफुद्दीन चौधरी के साथ पार्टी छोड़ दी और पार्टी ऑफ डेमोक्रेटिक सोशलिज्म (पीडीएस) की सह-स्थापना की, जिसे चुनावी राजनीति में खास सफलता नहीं मिली. बीते वर्षों में उन्होंने कई राजनीतिक आंदोलनों में अहम भूमिका निभायी. इनमें ममता बनर्जी के नेतृत्व में सिंगूर और नंदीग्राम में हुआ भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन भी शामिल है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया. उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘ऐसा लगता है जैसे मैंने किसी अपने को खो दिया हो. हम सिंगूर-नंदीग्राम आंदोलन में साथ थे. अनुराधा और अन्य लोगों को सांत्वना देने के लिए शब्द नहीं हैं. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि पुततुंडू के साथ उनकी कई अच्छी यादें जुड़ी हैं. माकपा के वरिष्ठ नेता सुजन चक्रवर्ती ने पुततुंडू को एक प्रतिबद्ध राजनीतिक कार्यकर्ता बताया, जो जीवन भर जन आंदोलनों से जुड़े रहे.
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