अंतरिम बजट को नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने बताया ''''फर्जी दस्तावेज''''

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने राज्य सरकार के अंतरिम बजट की आलोचना करते हुए इसे झूठा, लक्ष्यहीन व फर्जी दस्तावेज करार दिया.

संवाददाता, कोलकाता

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने राज्य सरकार के अंतरिम बजट की आलोचना करते हुए इसे झूठा, लक्ष्यहीन व फर्जी दस्तावेज करार दिया. उन्होंने दावा किया कि यह दस्तावेज चुनाव से प्रेरित वादों से भरा है और जिन्हें कानूनी रूप से लागू करना असंभव है.

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने अंतरिम बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि ज्यादा घोषणाएं भ्रामक हैं, क्योंकि, आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) लागू होने के बाद उन्हें क्रियान्वित नहीं किया जा सकता. राज्य सरकार ने गुरुवार को विधानसभा में 2026-27 वित्त वर्ष के लिए 4.06 लाख करोड़ रुपये का अंतरिम बजट पेश किया. इसमें तीन महीने से भी कम समय में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले महिलाओं, युवाओं और अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं को लक्षित करते हुए नकद सहायता और भत्ते में वृद्धि के प्रावधान किये गये हैं. शुभेंदु ने कहा : अंतिम मतदाता सूची (14 फरवरी को) प्रकाशित होने के बाद, एमसीसी को किसी भी समय लागू किया जा सकता है. एमसीसी के तहत, सरकार वित्तीय लाभों में वृद्धि नहीं कर सकती है या लाभार्थियों की संख्या नहीं बढ़ा सकती है. भाजपा नेता ने लेखा अनुदान मांग को केवल चार महीने की व्यवस्था बताया, जिसका उद्देश्य वेतन जैसे नियमित खर्चों को पूरा करना था. शुभेंदु ने कहा कि अप्रैल से लागू होने वाला बजट वादे ‘धोखे के सिवा कुछ नहीं’ हैं. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने बजट को ‘बेरोजगार विरोधी’ करार देते हुए आरोप लगाया कि इसमें रोजगार के कोई ठोस लक्ष्य निर्धारित नहीं हैं. शुभेंदु अधिकारी ने कथित तौर पर ‘युवाश्री’ योजना का नाम बदलकर ‘युवा साथी’ किये जाने की आलोचना की और इसे ‘चालाकी और धोखा’ करार दिया. इस योजना के तहत 1,500 रुपये का मासिक भत्ता दिया जाता है. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जॉब पोर्टल और युवा भत्ते के वादे बार-बार नाम बदल कर छोड़ दिये गये थे और अबतक इनपर कोई अमल नहीं हुआ है. उन्होंने दावा किया कि अंतरिम बजट में महिलाओं की सुरक्षा का कोई जिक्र नहीं है और आरोप लगाया कि सरकार मूलभूत सामाजिक चिंताओं को दूर करने में विफल रही है.

शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि अगर भाजपा सत्ता में आती है, तो ‘लक्खी भंडार’ योजना के तहत वित्तीय सहायता बढ़ाने की संभावना को तलाशने के लिए एक समिति गठित करेगी. उन्होंने संकेत दिया कि सहायता राशि बढ़ा कर तीन हजार रुपये प्रति माह की जा सकती है. उन्होंने वादा किया कि भाजपा सरकार सत्ता संभालने के छह महीने के भीतर रोजगार संबंधी मुद्दों का समाधान करेगी.

नेता प्रतिपक्ष ने चुनावी बजट करार दिया

नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने सवाल उठाते हुए कहा कि आशा कर्मियों और ठेके पर काम करने वाले पार्ट-टाइम टीचर्स को समान काम के लिए समान वेतन नहीं मिलना चाहिए. उन्हें मिनिमम फाइनेंशियल सिक्योरिटी नहीं मिलती, जो राज्य सरकार को उनके परिवारों को सपोर्ट करने के लिए देना चाहिए. आज लाखों सिविक वॉलंटियर, हजारों आशा वर्कर्स, हजारों आंगनबाड़ी वर्कर के लिए 1,000 रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा की गयी है. इसे अप्रैल से लागू करना नामुमकिन है. इस तरह का बजट चुनाव को ध्यान में रखकर जीतने के लिए बनाया गया है.

बजट पर तृणमूल में खुशी, बंटीं मिठाइयां

बैरकपुर. अंतरिम बजट में लक्खी भंडार योजना की राशि 1500 रुपये मासिक देने की घोषणा के बाद गुरुवार शाम बैरकपुर विधानसभा क्षेत्र में उत्साह नजर आया. इस मौके पर बैरकपुर के विधायक राज चक्रवर्ती के कार्यालय के बाहर तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया. कार्यकर्ताओं ने अबीर खेलकर खुशी जाहिर की और स्थानीय लोगों के बीच मिठाइयां बांटी. कार्यक्रम में बैरकपुर शहर तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष सम्राट तपादार सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद थे. तृणमूल नेताओं ने राज्य बजट को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे ऐतिहासिक बजट बताया.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >