खास बातें
Laxmi Bhandar Scam West Bengal: पश्चिम बंगाल में नयी सरकार के गठन के बाद पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजना ‘लक्ष्मी भंडार’ घोटाले ने प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है. महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए बनी इस सरकारी योजना का पैसा नदिया जिले में अवैध रूप से पुरुषों के बैंक खातों में ट्रांसफर किया जा रहा था.
डीजीपी को एसआईटी जांच कराने का आदेश
जिला प्रशासन की सतर्कता से धुबुलिया इलाके की लाभार्थी सूची में 173 पुरुषों के नाम शामिल होने का सनसनीखेज सच सामने आया, तो मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सीधे पुलिस महानिदेशक (DGP) को इस मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित कर मनी लाउंडरिंग की जांच करने का निर्देश जारी कर दिया.
फरवरी से निकाला जा रहा था पैसा, हाई-लेवल जांच शुरू
नदिया जिले के प्रशासनिक मुख्यालय कृष्णनगर में मंगलवार को खुद जिलाधिकारी (DM) श्रीकांत पल्ली ने मीडिया को इस गंभीर वित्तीय धोखाधड़ी की जानकारी दी. जिलाधिकारी ने बताया कि नदिया के धुबुलिया ब्लॉक की लक्ष्मी भंडार लाभार्थी सूची में कम से कम 173 पुरुषों के नाम पाये गये थे. सभी फर्जी नामों को तत्काल प्रभाव से ब्लॉक कर सूची से बाहर कर दिया गया है. मामले की सघन जांच शुरू कर दी गयी है.
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सुनियोजित साजिश, फरवरी से चालू था खेल
शुरुआती जांच में शामिल एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह कोई तकनीकी गड़बड़ी नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश थी. इन 173 पुरुषों के नाम पर फर्जी लक्ष्मी भंडार खाते तैयार किये गये थे और इस साल फरवरी महीने से लगातार इन खातों से सरकारी सहायता राशि निकाली जा रही थी.
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Laxmi Bhandar Scam: अवैध निकासी की हो रही ऑडिट
जांच टीम अब इस बात का पता लगा रही है कि इस धोखाधड़ी के पीछे का मुख्य मास्टरमाइंड कौन है और अब तक कुल कितने लाख रुपये की सरकारी राशि का गबन किया जा चुका है.
मुख्यमंत्री का दावा- 2.2 करोड़ में 30 लाख लाभार्थी फर्जी
सोमवार को ही मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मीडिया को बताया था कि टीएमसी के राज में महिलाओं की सबसे लोकप्रिय योजना को भी नहीं बख्शा गया. दलालों और भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से पुरुषों ने महिलाओं के नाम पर बनी इस कल्याणकारी योजना के पैसों पर डाका डाला. योजना के कुल 2.2 करोड़ लाभार्थियों में 30 लाख फर्जी लाभार्थी की बात सीएम ने कही थी.
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बैठेगी एसआईटी और होगी ED की एंट्री
मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि चूंकि इसमें सीधे तौर पर सरकारी खजाने से अवैध रूप से नकद हस्तांतरण (Cash Transfer) शामिल है, इसलिए वे राज्य के पुलिस प्रमुख को एक विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का आदेश दे चुके हैं. साथ ही इस पूरे रैकेट में बड़े पैमाने पर धन शोधन (Money Laundering) की जांच के लिए केंद्रीय एजेंसियों की भी मदद ली जा सकती है.
